रामपुर : कैसे घूमे जिले में विकास का पहिया, माननीय व्यस्त
रामपुर, अमृत विचार। माननीय चुनाव जीतने के बाद खासे व्यस्त हैं फिर जिले में विकास का पहिया कैसे घूमे। विधायक 29 जून को शासन से अवमुक्त हो चुकी है इसके बाद जुलाई का महीना खत्म होने वाला है लेकिन,विधायकों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्य कराए जाने के लिए प्रस्ताव नहीं भेजे गए हैं। जिले …
रामपुर, अमृत विचार। माननीय चुनाव जीतने के बाद खासे व्यस्त हैं फिर जिले में विकास का पहिया कैसे घूमे। विधायक 29 जून को शासन से अवमुक्त हो चुकी है इसके बाद जुलाई का महीना खत्म होने वाला है लेकिन,विधायकों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्य कराए जाने के लिए प्रस्ताव नहीं भेजे गए हैं। जिले भर में सड़कों और पथ प्रकाश व्यवस्था का बुरा हाल है। प्रस्ताव नहीं मिलने से क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
- निधि में पहुंचा डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपये, प्रस्ताव भेजने का नहीं समय
- वर्ष 2022-23 के पांच करोड़ के सापेक्ष राज्य सरकार से मिली डेढ़ करोड़ की पहली किश्त
- पांच विधायकों में सिर्फ मिलक-शाहबाद विधायक राजबाला ने भेजे प्याऊओं के प्रस्ताव
वर्ष 2022-23 के पांच करोड़ के सापेक्ष राज्य सरकार से विधायकों को डेढ़-डेढ़ करोड़ की पहली किश्त मिल चुकी है। लेकिन, किसी भी विधायक द्वारा विकास कार्यो के लिए प्रस्ताव नहीं दिए गए हैं अलबत्ता, मिलक-शाहबाद की विधायक राजबाला ने प्याऊओं के लिए डीआरडीए को प्रस्ताव भेज दिए हैं। बाकी किसी विधायक के पास प्रस्ताव तैयार कराकर भेजने का समय नहीं है। जबकि, वर्ष 2021 के अक्तूबर माह में बाढ़ आने के बाद सड़के कटने के बाद हालत काफी खराब हो गई है।
लोगों को आवाजाही में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को अस्पताल तक लाने-ले-जाने में ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्कूली बच्चों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मामूली बारिश होने पर कटी हुई सड़कों में जलभराव हो जाता है और बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते। इसके अलावा वाहनों के गांवों तक पहुंचने में काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है। यदि माननीय अपने क्षेत्रों की सड़कों के निर्माण के प्रस्ताव दें तो लोगों को काफी राहत मिल जाएगी।
इन गांवों में कटी हुई हैं सड़कें
खिजरपुर, बजावाला, सींगनखेड़ा, इमरता, इमरती, खेमपुर, पसियापुरा, बड़ापुरा, रसूलपुर, मिश्रीनगर, रतनपुरा, बहादुरगंज, मुरसैना, परचई, कुम्हरिया, कुचैटा आदि।
कोरोना काल में वर्ष 2020-21 में बंद रही विधायक निधि
वर्ष 20220-21 में कोरोना काल के दौरान विधायक निधि बंद रहने से विकास कार्य थम गए। जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्र खासे प्रभावित हुए हैं। गांवों में विकास कार्य नहीं होने से रास्ते, पानी, बिजली की व्यवस्था लड़खड़ा गई है। एक साल विधायक निधि बंद रहने बाद के 29 जून को विधायकों की पहली किश्त शासन से जारी कर दी गई है इसके बावजूद विधायकों द्वारा प्रस्ताव नहीं दिए जाने के कारण विकास का पहिया चालू नहीं हुआ है।
विधायकों द्वारा जो प्रस्ताव भेजे जाएंगे उन्हें आगे बढ़ा दिया जाएगा। फिलहाल, मिलक-शाहबाद की विधायक राजबाला ने 52 प्याऊओं को लगवाए जाने के लिए प्रस्ताव भेजे हैं। -अश्विनी कुमार मिश्रा, परियोजना निदेशक डीआरडीए
