रायबरेली : पैगामे हुसैन के आयोजन में उमड़ी हजारों की भीड़
रायबरेली, अमृत विचार । इस्लामिक कैलेंडर के पहले महीने मुहर्रम में शुक्रवार की शाम ऊंचाहार नगर के खरौली रोड पर पैगामे हुसैन के आयोजन में भारी भीड़ जुटी। जिसमे दूर दराज के आए मुस्लिम धर्म गुरुओं ने कर्बला की जंग और हजरत इमाम हुसैन के बारे में चर्चा की । इस शोक भरे आयोजन को …
रायबरेली, अमृत विचार । इस्लामिक कैलेंडर के पहले महीने मुहर्रम में शुक्रवार की शाम ऊंचाहार नगर के खरौली रोड पर पैगामे हुसैन के आयोजन में भारी भीड़ जुटी। जिसमे दूर दराज के आए मुस्लिम धर्म गुरुओं ने कर्बला की जंग और हजरत इमाम हुसैन के बारे में चर्चा की ।
इस शोक भरे आयोजन को संबोधित करते हुए हजरत अल्लामा सपहत हुसैन मुरादाबादी ने कहा कि कर्बला में रसूल के नवासे ने दीन , ईमान और इस्लाम के लिए अपने पूरे कुनबे के साथ कुर्बानी देकर आने वाली नस्लों के लिए बड़ा पैगाम दिया है। हुसैन की शहादत ने ये बताया कि जालिम कितना भी बड़ा क्यों न हो , हम ईमान के रास्ते पर चलकर उसकी हस्ती को मिटा सकते हैं। इस मौके पर इस्लाम मंजर हुसैन बदायूं ने नात पढ़ते हुए ऐसे ऐसे कलाम पेश किए , जिसे सुनकर सभी की आंखे नम हो गई। मुस्लिम धर्म गुरुओं ने बताया कि पैगम्बर के नवासे का ये संदेश कि इस्लाम , इंसानियत और ईमान की हिफाजत में कोई भी कुर्बानी देनी पड़े , उसके किए हम सबको तैयार रहना है। हमारा पैगाम इंसानियत हैं। हर इंसान से प्रेम करना मेरे हजरत ने सिखाया है। हमको इसी रास्ते पर चलना है। इस मौके पर जब पढ़ा गया कि ‘ यूं नहीं जहां में चर्चा हुसैन का , कुछ देख के हुआ था जमाना हुसैन का , सर दे के जो जहां की हुकूमत खरीद ले , मंहगा पड़ा यजीद को सौदा हुसैन का ‘ तो भीड़ का हर शख्स रो पड़ा था।
इस दौरान मुख्य रूप से मो फारूक , मेंहदी हसन , सद्दाम मेंहदी , रज्जब अली सलमानी , इरफान अब्बास , नासिर हैदर, सलमान अंसारी , इस्लाम रायनी,मो रुस्तम , साबिर सलमानी , वहीद कुरेशी, कलाम कुरेशी , अनवर कुरेशी आदि मौजूद थे। कार्यक्रम का आयोजन नगर पंचायत अध्यक्ष शाहीन सुलतान ने किया था। जिसमे व्यवस्था मो अरशद सुल्तान और अमजद सुलतान ने संभाली थी। इसमें हजारों की भीड़ जमा हुई थी।
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