अयोध्या: अब दो मौसम केंद्र बताएंगे रामनगरी का टेंपरेचर, हीट स्ट्रैस मैपिंग के जरिए मौजूदा तापमान पर किया जाएगा अध्ययन

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अयोध्या। रामनगरी के विभिन्न क्षेत्रों में टेंपरेचर का स्तर पता करने के लिए दो मौसम केंद्रों की स्थापना कर दी गई है। कुमारगंज स्थित आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय व नगर निगम के भवन में केंद्रों को स्थापित किया गया है। अब हीट स्ट्रेस मैपिंग के जरिए नगर के मौजूदा तापमान पर अध्ययन कर भविष्य …

अयोध्या। रामनगरी के विभिन्न क्षेत्रों में टेंपरेचर का स्तर पता करने के लिए दो मौसम केंद्रों की स्थापना कर दी गई है। कुमारगंज स्थित आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय व नगर निगम के भवन में केंद्रों को स्थापित किया गया है। अब हीट स्ट्रेस मैपिंग के जरिए नगर के मौजूदा तापमान पर अध्ययन कर भविष्य का प्रारूप उपलब्ध कराएगा। इसके लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण और बेल्जियम की शोध संस्था के बीच एक एमओयू पर साइन हुआ था।

बेल्जियम के फ्लैमिश प्रांत की शोध संस्था वीटो की ओर से स्थापित इन मौसम केंद्रों का संचालन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय की फैकल्टी ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग की टीम कर रही है। हीट स्ट्रेस मैपिंग के लिए भारत में बेल्जियम के वीटो शोध संस्थान के निदेशक डॉ. इब्राहिम हफीजुर्रहमान और फैकल्टी ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग की डीन प्रोफेसर वंदना सहगल के साथ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विशाल सिंह अप्रैल में ही अनुबंध पर हस्ताक्षर किया था।

भारत में अभी तक हीट स्ट्रेस मैपिंग के आधार पर किसी शहर का विकास नहीं हुआ है। राम नगरी भारत और प्रदेश में पहला शहर होगा, जिसे हीट स्ट्रेस मैपिंग के आधार पर विकसित किया जाएगा। प्रोफेसर वंदना सहगल के अनुसार यह प्रोजेक्ट दो साल तक चलेगा। इस दौरान विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं की सैकड़ों टीमें राम नगरी में अध्ययन के लिए जाएंगी, जो विभिन्न क्षेत्रों का अध्ययन करेंगी। यह टीमें राम नगरी के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में भी जाएगी।

जहां छात्र-छात्राओं को हीट स्ट्रेस मैपिंग और पर्यावरण के महत्व के बारे में जानकारी देंगी। यह अध्ययन कई मानकों पर किया जाएगा। दो वर्षों में हुए अध्ययन रिपोर्ट पर आधारित संस्थाओं के सुझाव लिए जाएंगे। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पौधरोपण करने के साथ कंक्रीट के भवनों के विस्तार पर नियंत्रण अथवा भवनों का रंग बदल कर थर्मल कंफर्ट दिया जा सकता

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