भीख भी मांगी फिर भी बच्चे की भूख नहीं मिटा पाया बाप, 11 महीने के मासूम के साथ कर दिया ये पाप
जयपुर। आर्थिक तंगी से जूझ रहे गुजरात के एक शख्स ने जालोर (राजस्थान) में अपने 11-माह के बेटे को नहर में फेंक दिया, जिसका शव 24 घंटे बाद बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बच्चे का पेट भरने में असमर्थ था इसलिए उसने ऐसा किया। बकौल पुलिस, आरोपी को बच्चे को नहर में फेंकते …
जयपुर। आर्थिक तंगी से जूझ रहे गुजरात के एक शख्स ने जालोर (राजस्थान) में अपने 11-माह के बेटे को नहर में फेंक दिया, जिसका शव 24 घंटे बाद बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बच्चे का पेट भरने में असमर्थ था इसलिए उसने ऐसा किया। बकौल पुलिस, आरोपी को बच्चे को नहर में फेंकते हुए एक शख्स ने देख लिया था।
राजस्थान के जालोर जिले में एक युवक द्वारा अपने 11 महीने के बेटे को नहर में फेंकने की दर्दनाक घटना सामने आई है। पुलिस के अनुसार, युवक ने अपने बेटे को नहर में इसलिए फेंक दिया, क्योंकि वह उसे कुछ खिला नहीं पा रहा था। बताया जा रहा है कि घटना गुरुवार की है और पुलिस ने बच्चे का शव बरामद कर उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, गुजरात का रहने वाला मुकेश बेरवाल अपनी पत्नी उषा और बेटे राजवीर के साथ जालोर के सांचौर इलाके में पहुंचा था। सांचौर के थानाधिकारी प्रवीण कुमार ने कहा, दंपति अपने बेटे को एक अच्छा जीवन देना चाहते थे, लेकिन मुकेश कुछ ज्यादा कमा नहीं पा रहा था। वह बच्चे को पूरा खाना भी नहीं खिला पा रहा था, इसलिए उसने उसे मारने का फैसला किया।
कुमार के अनुसार, मुकेश जानता था कि नर्मदा नहर जालोर में बहती है। इसलिए वह लगभग 50 किलोमीटर दूर नर्मदा नहर के पास पहुंचा, ताकि बच्चे को उसमें फेंक सके।
थानाधिकारी के मुताबिक, मुकेश और उषा ने प्रेम विवाह किया था। उन्होंने बताया कि मुकेश ने अपनी पत्नी से झूठ बोला था कि उसके पिता सांचौर के एक गांव में रहते हैं और दोनों अपने बेटे को उनके पास छोड़ सकते हैं।
कुमार के अनुसार, मुकेश अपनी पत्नी और बच्चे के साथ सांचौर पहुंचा। उसने उषा से कहा कि वह बच्चे को अपने पिता के पास छोड़कर आ रहा है, तब तक वह वहीं रुके। मुकेश ने कहा कि चूंकि, दोनों ने अंतरजातीय विवाह किया है, इसलिए उसके पिता उन्हें स्वीकार नहीं करेंगे।
थानाधिकारी ने बताया कि इसके बाद युवक ने मासूम बच्चे को ले लिया और करीब 150 से 200 मीटर दूर जाकर नहर में फेंक दिया।
कुमार के मुताबिक, मुकेश ने अपने बेटे को नहर में फेंकने से पहले चारों तरफ देखा और जब उसे विश्वास हो गया कि कोई उसे नहीं देख रहा है, तब उसने बच्चे को नहर में फेंक दिया। उन्होंने बताया कि हालांकि, एक स्थानीय व्यक्ति ने मुकेश को दूर से ऐसा करते हुए देख लिया।
कुमार के अनुसार, मुकेश ने लौटकर उषा से कहा कि लड़का अब अपने दादा के पास है और दोनों जैसे ही वहां से आगे बढ़े, उस स्थानीय व्यक्ति ने उसे पकड़ लिया।
कुमार ने बताया कि संबंधित व्यक्ति ने पुलिस को भी सूचित किया, जिसके बाद मुकेश को हिरासत में लिया गया और उससे पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि पूछताछ में मुकेश ने युवक को नहर में फेंकने की बात कबूल की है।
थानाधिकारी के मुताबिक, तलाश एवं बचाव अभियान शुरू किया गया और गोताखोरों को शुक्रवार रात घटनास्थल से करीब 15 किलोमीटर दूर बच्चे का शव बरामद हुआ। उन्होंने बताया कि शव आरोपी की पत्नी को सौंप दिया गया है।

भीख भी मांग चुका हूं
मुकेश ने पुलिस को बताया कि करीब 2 साल पहले उसने बिहार के मुजफ्फरपुर की लड़की से लव मैरिज की थी। वह शादी के बाद पत्नी के साथ अहमदाबाद में रह रहा था। वहां पर वह सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। करीब 7 महीने पहले उसकी नौकरी छूट गई। उसने परिवार चलाने के लिए भीख तक मांगी। पर कोई फायदा नहीं हुआ। आर्थिक तंगी से परेशान होकर उसने पूरे परिवार के साथ कांकरिया (अहमदाबाद) तालाब में कूदकर सुसाइड करने का प्लान बनाया था, लेकिन वहां लोगों की आवाजाही होने से तब वह ऐसा नहीं कर पाया।
5-6 दिन पहले अहमदाबाद में मरने गए थे
बच्चे की मां ने बताया कि मुकेश बोल रहे थे भूख से मर रहे हैं, रोड पर घूम रहे हैं, अच्छा नहीं लग रहा। 5-6 दिन पहले अहमदाबाद में मरने के लिए गए थे। फिर वो बोले- चलो मरते नहीं है, बच्चे को मम्मी-पापा के पास छोड़ देते हैं। दोनों मिलकर नौकरी करेंगे। सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे, लेकिन मैनेजर सिक्योरिटी गार्डों को बदलते रहते थे, इसलिए नौकरी चली गई थी और भूख से मर रहे थे। मैं अपने घर पर भी वापस नहीं जा सकती थी। घरवालों ने कहा था कि तूने जो कदम उठाया है न, लौटकर वापस मत आना।
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