बरेली: टीटीई की कमी से जूझ रहा जंक्शन, बिना टिकट यात्रियों की मौज
बरेली, अमृत विचार। ट्रेनों में यात्री अक्सर टीटीई नहीं आने की शिकायत करते हैं। ट्रेन में भीड़-भाड़ बढ़ने और अपनी सीट हासिल करने के लिए यात्रियों को हमेशा जद्दोजहद करनी पड़ती है। इसकी बड़ी वजह टिकट चेकिंग स्टाॅफ की है। बरेली जंक्शन से करीब दो दर्जन ट्रेनों के अंदर स्टाॅफ तैनात किया जाता है। मगर …
बरेली, अमृत विचार। ट्रेनों में यात्री अक्सर टीटीई नहीं आने की शिकायत करते हैं। ट्रेन में भीड़-भाड़ बढ़ने और अपनी सीट हासिल करने के लिए यात्रियों को हमेशा जद्दोजहद करनी पड़ती है। इसकी बड़ी वजह टिकट चेकिंग स्टाॅफ की है। बरेली जंक्शन से करीब दो दर्जन ट्रेनों के अंदर स्टाॅफ तैनात किया जाता है। मगर स्टाॅफ की कमी के कारण एक या दो टिकट चेकिंग स्टाॅफ को ही भेजा जाता है। इससे न सिर्फ ट्रेन में टिकट चेक करने वाले कर्मचारी पर काम का दबाव अधिक होता है, साथ ही कई बार कोच चेक नहीं होने के कारण रेलवे को राजस्व का नुकसान भी होता है। स्टाॅफ की इस कमी को मंडल के अधिकारी भी मानते हैं।
दरअसल बरेली जंक्शन के टीटीई कार्यालय में मौजूदा समय में 80 कर्मचारियों का स्टाॅफ है। जिसमें 13 सीआईटी व बाकी टीटीआई, एसटीई और टीई हैं। आम तौर पर एक ट्रेन 21 या 22 कोच की होती है। नियमानुसार प्रति टीटीई को तीन कोच के टिकट चेक करने की जिम्मेदारी दी जाती है। इस तरह से एक ट्रेन में कम से कम सात टीटीई होने चाहिए, लेकिन स्टाॅफ की कमी के कारण ट्रेन के अंदर केवल दो या तीन स्टाॅफ को ही तैनात किया जाता है।
ऐसे में सीट नहीं मिलने की स्थिति में यात्री टीटीई को ढूंढते रह जाते हैं। बिना टिकट या अनियमित टिकट के साथ ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने पर बाकी यात्रियों को दिक्कत होती है। ट्विटर ऐसी शिकायतों से भरा पड़ा है। अधिकारी भी इस कमी को मानते हैं। मगर उनका कहना है कि जैसे-जैसे मंडल में नए कर्मचारियों की संख्या बढ़ेगी, वैसे-वैसे स्टाफ को भी तैनात किया जाएगा।
काम का बोझ कम करने को दिए एचएचटी
मुरादाबाद मंडल के अधिकारियों का कहना है कि टीटीई से काम का बोझ कम करने के लिए ही उन्हें आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है। इसी कड़ी में उनको अब एचएचटी (हैंड हेल्ड डिवाइस) दिए जा रहे हैं। जिससे ट्रेन में सफर के दौरान बर्थ आसानी से तो कंफर्म होगी ही साथ ही टिकट चेकिंग स्टाॅफ को पेपर चार्ट भी लेकर नहीं चलना पड़ेगा। क्योंकि यह चार्ट इसी डिवाइस में मौजूद होगा। इसे टीटीई आनलाइन अपडेट कर सकते हैं। इस तरह की सुविधाओं को लाकर भी काफी बोझ कम किया जा रहा है।
इन ट्रेनों में चलता है जंक्शन का स्टाफ (अप व डाउन )
लखनऊ मेल, त्रिवेणी एक्सप्रेस, मुगलसराय एक्सप्रेस, आला हजरत एक्सप्रेस, नई दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस, बरेली-वाराणसी एक्सप्रेस, फर्रक्का एक्सप्रेस, कामाख्या एक्सप्रेस, गरीब रथ एक्सप्रेस, महाकाल एक्सप्रेस व दादर एक्सप्रेस।
स्टाॅफ की कमी से इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन स्टाॅफ की तैनाती भी नया बैच आने के बाद ही की जा सकती है। जैसे-जैसे मंडल के पास नया स्टाफ बढ़ रहा है, वैसे-वैसे अलग-अलग स्टेशनों पर उनकी तैनाती की जा रही है। इसके अलावा काम का बोझ करने के लिए टीटीई को एचएचटी डिवाइस से भी लैस किया जा रहा है—सुधीर सिंह, सीनियर डीसीएम, मुरादाबाद रेल मंडल।
