बरेली: पाकिस्तानी हुकूमत अल्पसंख्यक समुदाय पर ज़ुल्म और ज्यादती करना बंद करें: मौलाना शहाबुद्दीन

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बरेली, अमृत विचार: दरगाह आला हजरत से जूडे संगाठन तंजीम उलमा ए इस्लाम के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यको पर ज़ुल्म व‌ ज्यादती करने, राज्य ख़ैबर पख़्तून में सिक्ख समुदाय की लड़की से जबरन शादी करने और शहर रहीम यार खां (पाकिस्तान) के मंदिरों में तोड़-फोड़ किये जानें की खबरों …

बरेली, अमृत विचार: दरगाह आला हजरत से जूडे संगाठन तंजीम उलमा ए इस्लाम के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यको पर ज़ुल्म व‌ ज्यादती करने, राज्य ख़ैबर पख़्तून में सिक्ख समुदाय की लड़की से जबरन शादी करने और शहर रहीम यार खां (पाकिस्तान) के मंदिरों में तोड़-फोड़ किये जानें की खबरों पर दुख व्यक्त जताया है।

उन्होंने कहा कि किसी को जबरन या फिर कोई लालच देकर मुसलमान नहीं बनाया जाना चाहिए, चूंकि इस्लाम का सिद्धांत है कि सिर्फ जबान से तस्दीक़ नहीं बल्कि दिल से भी क़ुबूल व इक़रार किया जाए जबकि जबरन या लालच से कोई हां तो कर सकता है परन्तु दिल से नहीं। इसलिए ज़ोर जबरदस्ती किसी को मुसलमान नहीं बनाना चाहिए।

मौलाना ने कहा कि पाकिस्तान में कुछ नामनिहाद कथित मुस्लिम तंज़ीमें ऐसी हरकतें करती हैं जोकि इस्लामिक सिद्धांत के विरुद्ध है क्योंकि इस्लाम सिर्फ जबान की तस्दीक़ से नहीं बल्कि दिल से क़ुबूल करने पर मिलता है, इसलिए ज़ोर जबरदस्ती से किसी को मुसलमान नहीं बनाया जा सकता, ऐसी ज़ोर जबरदस्ती से धर्म परिवर्तन कराने वाली घटनाओं को इस्लाम के विरुद्ध करार देते हुए कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए निंदा की और कहा कि ऐसी घटनाओं से इस्लाम विरोधी मैसेज जाता है जबकि इसका इस्लाम से कोई संबन्ध नहीं।

रजवी बरेलवी ने आगे कहा कि इतिहास साक्षी है कि इस्लाम ज़ोर जबरदस्ती नहीं बल्कि सूफ़ी सन्तों के उच्च आचरण और स्वभाव से फैला है सूफ़ी सन्तों की ख़ानक़ाहों से आज भी भारतवर्ष की गंगा जमुनी तहज़ीब की किरणें अपनी छठा बिखेर रही हैं जहां जाति धर्म की दीवारों को लांघ कर लोग श्रद्धा पूर्वक अपनी अकीदत का नजराना पेश करते हैं, पाकिस्तान में क़ानून नाम की कोई चीज महफूज नहीं पाकिस्तान में वह लोग इस्लाम और मुसलमान की बात कर ऊटपटांग हरकतें करते हैं जो स्वयं इस्लामिक सिद्धान्त विरुद्ध गतिविधियों में संलिप्त हैं उन्हें इस्लाम की सही जानकारी होती तो वह ऐसा नहीं करते, मौलाना ने पाकिस्तान के ऐसे मौलवियों को सिर फिरा और जा़हिल क़रार दिया मौलाना ने उन्हें आला हजरत की लिखी पुस्तकें पढ़कर इस्लाम को समझने की हिदायत भी दी।

मौलाना ने प्रेस नोट में आगे कहा कि पाकिस्तान के शहर रहीम यार खां में गत दिनों मंदिरों में टोड़़-फोड़ किये जाने की घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि किसी धार्मिक स्थल में इस तरह की तोड़ फोड़ करना और उत्पाद मचाना बहुत ही घिनौनी व आपत्तिजनक हरकत है, इस्लाम इस तरह की गलत हरकत करने की इज़ाज़त नहीं देता है, इस्लाम सच्चाई व हक़ पसंदी व आपसी भाईचारे की शिक्षा देता है इस तरह की घटनाओं से इस्लाम की छवि धूमिल होतीं हैं और इस्लाम के अनुयायीओं को दूसरे मुल्कों में इसका नुकसान उठाना पड़ता है और वो गैर मुस्लिम लोग जो इस्लाम की स्टडी कर रहे हैं उनकी नजर में भी इस्लाम और मुसलमानों की तस्वीर धूमिल हो रही है, इसलिए पाकिस्तान में पंनप रहे आतंकवादी संगठन ऐसी हरकतों से बाज़ आये।

पाकिस्तान के राज्य खैबत पख़्तून में एक सिक्ख समुदाय की लड़की का जबरन धर्मांतरण कराकर शादी की गई, ये भी इस्लामी सिद्धांतों के खिलाफ है। पाकिस्तान हूकूमत अल्पसंख्यको पर ज़ुल्म व‌ ज्यादती और डराना धमकाना बंद करें।

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