मुरादाबाद : निगम की सुस्ती देख नागरिकों ने कराया कायाकल्प
मुरादाबाद, अमृत विचार। शहर के अधिकांश पार्क बदहाल हैं। दीनदयाल नगर स्थित गोकुलधाम पार्क भी पहले बदहाल था। नगर निगम के अधिकारियों ने भी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई तो क्षेत्र के लोगों ने एक सुंदर पहल करके खुद ही पार्क को स्वच्छ बनाने का संकल्प लिया और आपसी सहयोग से पार्क का कायाकल्प कराया। जिसके …
मुरादाबाद, अमृत विचार। शहर के अधिकांश पार्क बदहाल हैं। दीनदयाल नगर स्थित गोकुलधाम पार्क भी पहले बदहाल था। नगर निगम के अधिकारियों ने भी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई तो क्षेत्र के लोगों ने एक सुंदर पहल करके खुद ही पार्क को स्वच्छ बनाने का संकल्प लिया और आपसी सहयोग से पार्क का कायाकल्प कराया। जिसके बाद यह पार्क सुबह-शाम टहलने लायक बन पाया। वहीं इस पार्क से महज 300 मीटर की दूरी पर स्थित पार्क देखरेख के अभाव में बदहाल पड़ा है।
दीनदयाल नगर के लोगों द्वारा एक अनूठी पहल देखने को मिल रही है। यहां के गोकुलधाम पार्क की साफ-सफाई को लेकर न तो क्षेत्रीय सभासद अजय दिवाकर ने अपनी जिम्मेदारी निभाई और न नगर निगम के अधिकारियों ने। इसके बाद स्थानीय लोगों ने खुद ही पार्क की सफाई और देखरेख करने का संकल्प लिया और एक कमेटी गठित कर दी। सभी ने सर्वसम्मति से राजीव अरोड़ा को कमेटी का अध्यक्ष बनाया। क्षेत्रीय लोगों से कमेटी के सदस्य हर माह 100 रुपये प्रति माह लेते हैं। इसी चंदे के पैसे पार्क की सफाई, मरम्मत और देखरेख की जाती है। कमेटी ने एक सफाई कर्मचारी भी पार्क में तैनात किया है। वह पार्क की सफाई के साथ पौधों की देखरेख और उनकी सिंचाई करता है। इससे पार्क में चारों तरफ हरियाली छाई है। वहीं इस पार्क से महज 300 मीटर दूर शिव दुर्गा काली मंदिर पार्क आज भी बदहाल पड़ा है।
नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी पार्क की व्यवस्थाओं को देखने तक नहीं आते। अधिकारियों की अनदेखी से पार्क में बड़ी-बड़ी घास उग आई है। झूले टूटे पड़े हैं। आलम यह कि पार्क की गंदगी से आसपास में बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।
आसपास के लोगों ने बताया की जिम्मेदारों द्वारा यहां सफाई नहीं कराई जाती। यहां तभी सफाई होती है जब आसपास के घरों में कोई कार्यक्रम होता है। आयोजक खुद के पैसे से पार्क की सफाई कराता है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि सभासद के साथ ही निगम के अधिकारियों से पार्क की सफाई को लेकर कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक पार्क की बदहाली दूर नहीं हुई।
नगर निगम की अनदेखी के चलते पार्क की सफाई क्षेत्र के लोग स्वयं अपने संसाधनों करा रहे हैं। ताकि लोगों को गंदगी में न रहना पड़े। -हिमांशु मिश्रा, दुकानदार
पार्क की सफाई और देखरेख के लिए कमेटी बनाई गई है। हर घर से कमेटी के पास 100 रुपये जमा होते हैं। इसी पैसे से सफाई और मरम्मत आदि कराई जाती है। -राजीव अरोड़ा, कमेटी अध्यक्ष
पार्क की बदहाली से क्षेत्रीय लोगों को ही परेशानी हो रही थी, लिहाजा अब हम कालोनी के लोग ही स्वयं के संसाधनों से पार्क की देखभाल कर रहे हैं। -रमेश वर्मा
शिव दुर्गा काली मंदिर पार्क की सफाई तब ही होती है जब पार्क में कोई कार्यक्रम होता है। कार्यक्रम के आयोजक को ही सफाई करानी पड़ती है। -दीपक कपूर
कॉलोनी के लोगों द्वारा पार्क की सफाई के लिए चंदा किए जाने की मुझे जानकारी नहीं है। जल्द से जल्द वार्डाें की सफाई कराकर उन्हें लोगों के टहलने के लायक बनाया जाएगा। -अजय दिवाकर, पार्षद वार्ड-सात
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