चंबल का जलस्तर बढ़ने से अनेक गांवों के लोग बाढ़ में फंसे, सेना का हेलीकॉटर से रेस्क्यू जारी

Amrit Vichar Network
Published By Amrit Vichar
On

मुरैना। मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में चंबल नदी का जलस्तर आज दोपहर के बाद और बढ़ता दिखाई दे रहा है। दोपहर चंबल खतरे के निशान 138 मीटर से बढ़कर आठ मीटर यानी 146 मीटर पर था, पर उसके बाद शाम को आधा मीटर ओर पानी बढ़ने से वह 146,50 मीटर ऊपर वह रही है, जिससे डेढ़ …

मुरैना। मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में चंबल नदी का जलस्तर आज दोपहर के बाद और बढ़ता दिखाई दे रहा है। दोपहर चंबल खतरे के निशान 138 मीटर से बढ़कर आठ मीटर यानी 146 मीटर पर था, पर उसके बाद शाम को आधा मीटर ओर पानी बढ़ने से वह 146,50 मीटर ऊपर वह रही है, जिससे डेढ़ सैकड़ा गांव उसकी चपेट में हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने यहां दावा किया है कि शाम के बाद चंबल का जलस्तर कम होने लगेगा।

अधिकारियों के इस दावे के बाद जिले लोगों ने राहत की सांस ली है। ग्रामीणों के अनुसार जलस्तर घटने के बाद भी यहां चंबल की बाढ़ की तवाई का मंजर दिखाई देगा। बाढ़ में ग्रामीणों के घर ध्वस्त हो गए और फसल भी पूरी तरह नष्ठ ही गयी है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद महामारी का सामना भी करना पड़ेगा। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित निकालना है और उसके बाद बाढ़ से हुई क्षति का सर्वे कार्य कराया जाएगा। जिला प्रशासन बाढ़ से प्रभावित लोगों को युद्धस्तर पर स्वास्थ सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगा जिससे कि कोई भी ग्रामीण बीमारी की चपेट में न आये।

ये भी पढ़ें- सुखबीर बादल डेरा प्रमुख राम रहीम से अपने संबंध स्पष्ट करें: मलविंदर सिंह कांग

संबंधित समाचार