कानपुर: एनएचएआई की कन्नौज इकाई ने देना शुरू किया एनओसी

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कानपुर। कानपुर- अलीगढ़ जीटी रोड का निर्माण तेजी से हो रहा है। अलीगढ़ से मैनपुरी तक निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। कन्नौज स्थित मैनपुरी सीमा से कानपुर आईआईटी का काम चल रहा है जो समय से पूरा हो जाएगा। इसी के साथ ही एनएचएआई ने भी अब लोगों को पेट्रोल पंप, अस्पताल, बहुमंजिला …

कानपुर। कानपुर- अलीगढ़ जीटी रोड का निर्माण तेजी से हो रहा है। अलीगढ़ से मैनपुरी तक निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। कन्नौज स्थित मैनपुरी सीमा से कानपुर आईआईटी का काम चल रहा है जो समय से पूरा हो जाएगा।

इसी के साथ ही एनएचएआई ने भी अब लोगों को पेट्रोल पंप, अस्पताल, बहुमंजिला इमारत, ढाबा, कॉलेज, स्कूल, आवासीय भवन आदि के निर्माण के लिए अब एनओसी देना शुरू कर दिया है। ऐसे में जल्द ही कई वेयरहाउस वहां बनेंगे और पेट्रोल पंप, सीएनजी पंप आदि बनाया जाएगा।

किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग के मध्य से दोनों तरफ 40 मीटर तक कोई भी निर्माण नहीं हो सकता है। 40 मीटर से 75 मीटर के दायरे में यदि कोई निर्माण करना है तो प्राधिकरण के परियोजना निदेशक या अधिकारी से अनापत्ति प्रमाण लेना पड़ता है। अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए बिना ही निर्माण करने वालों के विरुद्ध एनएचएआई की ओर से कार्रवाई की जा सकती है।

कानपुर- अलीगढ़ जीटी रोड के निर्माण में अलाइनमेंट कोई दिक्कत न आए इस वजह से प्राधिकरण प्रबंधन एनओसी नहीं दे रहा था। अब सड़क के निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो गया है। ऐसे में परियोजना निदेशक प्रशांत दुबे ने एनओसी देने का कार्य शुरू कर दिया है। कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां भी हाईवे किनारे वेयरहाउस बनाना चाहती हैं ताकि बिना जाम में फंसे ही उनके माल वाहन वहां तक पहुंच जाएं और वहां से माल उतारने या लदवाने के बाद गंतव्य तक जा सकें।

जिला पंचायत से मानचित्र पास कराने के लिए कई कंपनियों ने संपर्क साधा है। ऐसे लोग जो निर्धारित सीमा से बाहर निर्माण करेंगे उन्हें एनओसी नहीं लेनी पड़ेगी। एनओसी देने के पीछे सबसे बड़ा कारण है अनियमित निर्माण और दुर्घटना को रोकना।

अभी बिना अनुमति के ढाबा या मॉल, अस्पताल आदि बन जाते हैं। वहां सड़क पर ही वाहन खड़े होते हैं परिणाम यह होता है कि हादसे भी खूब होते हैं। एनओसी देने में अब कोई दिक्कत नहीं है। जरूरी प्रक्रिया पूरी कर कोई भी व्यक्ति एनओसी प्राप्त कर सकता है।– प्रशांत दुबे, परियोजना निदेशक एनएचएआई

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