लखीमपुर-खीरी: डॉक्टरों ने कार्य किया बहिष्कार, ठप हुई जिला अस्पताल की OPD समेत अन्य सेवाएं

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अमृत विचार, लखीमपुर खीरी। भाजपा मंडल ओयल अध्यक्ष और होमगार्ड के बीच हुई मारपीट ने रिपोर्ट दर्ज होने के बाद तूल पकड़ लिया है। डॉक्टरों को जब इस बात की जानकारी हुई की रिपोर्ट में सीएमएस व एक डाक्टर के नाम भी शामिल किए गए हैं तो उनमें रोष पनप गया। आनन फानन में बैठक …

अमृत विचार, लखीमपुर खीरी। भाजपा मंडल ओयल अध्यक्ष और होमगार्ड के बीच हुई मारपीट ने रिपोर्ट दर्ज होने के बाद तूल पकड़ लिया है। डॉक्टरों को जब इस बात की जानकारी हुई की रिपोर्ट में सीएमएस व एक डाक्टर के नाम भी शामिल किए गए हैं तो उनमें रोष पनप गया। आनन फानन में बैठक करने के बाद डॉक्टरों और कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए ओपीडी समेत अन्य सभी सेवाएं ठप कर दी।

इससे दवा लेने पहुंचे मरीजों और उनके तीमादारों को वापस लौटना पड़ा। हड़ताल समाप्त कराने के लिए एसडीएम और सीओ सिटी डाक्टरों की मान मनोवल करते रहे, लेकिन डॉक्टर अपनी जिद पर अड़े रहे। डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। डाक्टर होमगार्ड की एफआईआर दर्ज करने, दर्ज एफआईआर से डॉक्टरों का नाम निकाले जाने सहित कई अन्य मांगे पूरी न होने तक कार्य बहिष्कार जारी रखने का निर्णय लिया है। जिले की सभी सीएचसी पर भी ओपीडी सेवाएं ठप रहीं।

गुरुवार को थाना खीरी की पुलिस चौकी ओयल के मोहल्ला मोहम्मदाबाद निवासी भाजपा मंडल अध्यक्ष ओयल नीरज मिश्र अपने पुत्र और भतीजे को दवा दिलाने मोतीपुर एमसीएच विंग स्थित जिला अस्पताल गए थे, जहां लाइन में लगने को लेकर उनका ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड राजेंद्र मिश्रा से विवाद के बाद मारपीट हो गई थी। पुलिस ने राजनीतिक दबाव में आकर भाजपा मंडल अध्यक्ष की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की, जिसमें दो डॉक्टरों को भी आरोपी बनाया गया।

घायल होमगार्ड की तहरीर पर पुलिस ने कोई कार्यवाई नहीं की। शुक्रवार को डॉक्टरों को जब पता चला की दो डॉक्टरों को भी आरोपी बनाया गया है तो उनमें रोष पनप गया।डॉक्टरों ने बैठक कर पुलिस कार्यवाई पर रोष जताते हुए कार्य बहिष्कार का ऐलान कर दिया। इमरजेंसी को छोड़कर पर्चा काउंटर आदि सेवाएं ठप करा दी।

डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से मरीजों और उनके तीमारदारों के पसीने छूट गए। जिला अस्पताल के कर्मचारियों ने पुलिस और प्रशासन के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने और ओपीडी समेत अन्य सेवाएं ठप होने की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। एसडीएम सदर श्रद्धा सिंह और सीओ सिटी संदीप सिंह, प्रभारी निरीक्षक खीरी पंकज त्रिपाठी भारी पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और

डॉक्टरों से वार्ता की। डॉक्टरों का कहना था कि नीरज मिश्र मरीज को ओपीडी में दिखाने आये थे। होम गार्ड ने उनसे कहा कि पंक्तिबद्ध होकर मरीज को दिखायें। इसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी होने लगी। आपस में गुत्थम गुत्थी करने लगे। जिसमें नीरज मिश्रा को चोटें आयीं। इसके कुछ देर बाद 100 से 150 की संख्या में बाहरी व्यक्ति जिला अस्पताल आ धमके।

इन लोगों ने लामबन्द होकर होम गार्ड राजेन्द्र मिश्रा की लात एवं घूसों से जम कर पिटाई की, जिससे होमगार्ड को भी काफी चोटें आयीं। आरोप है कि लगभग दो घण्टे तक चिकित्सालय के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को बन्धक बनाये रखा। डॉक्टरों ने कहा की होमगार्ड राजेन्द्र मिश्रा का मेडिकल परीक्षण कराकर इनके मेडिकल प्रोटैक्शन के एक्ट तहत एफआईआर पंजीकृत कराकर कापी उपलब्ध कराई जाए। दर्ज एफआईआर से डॉक्टरों के नाम निकाले जाएं। तभी डॉक्टर हड़ताल वापस लेंगे।

डॉक्टरों ने एक ज्ञापन भी अधिकारियों को सौंपा और कहा की घटना से चिकित्सालय के सभी चिकित्सा अधिकारी , पैरामेडिकल कर्मचारी एवं अन्य कर्मचारियों में भय व्याप्त है। ऐसी परिस्थिति में चिकित्सालय में रोगियों की देखभाल करना सम्भव नही है ।
एसडीएम श्रद्धा सिंह ने डॉक्टरों को काफी समझाने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टर अपनी जिद पर अड़े रहे। वार्ता विफल रहने पर सुबह करीब 11: 30 बजे अधिकारी वापस लौट गए। करीब दो घंटे बाद एसडीएम फिर अस्पताल पहुंची और वार्ता की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। डॉक्टरों की हड़ताल जारी रहने से मरीजों को वापस लौटना पड़ा।

पर्चा काउंटर पर लगी थी लंबी कतार
लखीमपुर से जिला अस्पताल को एमसीएच विंग ओयल में शिफ्ट हुए करीब चार महीने हो गए। इससे मरीजों को जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। इस समय संक्रामक बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। प्रतिदिन जुखाम, बुखार, डायरिया आदि के सैकड़ों मरीज सुबह ही अस्पताल पहुंच जाते हैं।

शुक्रवार की सुबह भी पर्चा काउंटर पर मरीजों और उनके तीमारदारो की भीड़ लगी थी। जब कर्मचारियों ने पर्चा काउंटर समेत अन्य सेवाएं ठप की तो दवा लेने आए मरीज परेशान हो उठे। मरीज ओपीडी खुलने की उम्मीद में दोपहर बाद तक जिला अस्पताल में बैठे रहे, लेकिन हड़ताल समाप्त नहीं हुई, जिस पर उन्हें बिना दवा लिए ही वापस लौटना पड़ा।

डेढ़ सौ से अधिक मरीजों की अटकी जांच
जिला अस्पताल की पेथालाजी में हड़ताल होने के कारण जहां मरीजों के खून आदि की जांच नहीं हो सकी। वहीं करीब डेढ़ सौ मरीजों की जांच रिपोर्ट भी नहीं मिल सकी। इन मरीजों की गुरुवार को जांच हुई थी। जांच रिपोर्ट के लिए मरीज अस्पताल में भटकते नजर आए।

एसडीएम के आदेश को सीओ सिटी ने किया दरकिनार
जिला अस्पताल के डॉक्टरों के ओपीडी समेत अन्य सेवाएं बंद होने की जानकारी पर एसडीएम श्रद्धा सिंह ने सीओ सिटी के साथ जब डॉक्टरों से वार्ता कर रहीं थीं। बताते हैं वार्ता के दौरान जब डॉक्टर रिपोर्ट दर्ज कराने की बात पर अड़े तो उन्होंने सीओ सिटी को रिपोर्ट दर्ज कराकर उसकी प्रति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, लेकिन एसडीएम के निर्देश देते ही सीओ सिटी बगले झांकने लगे।

इसके करीब दो घंटे बाद जब फिर एसडीएम अस्पताल पहुंची और एफआईआर के बारे में सीओ सिटी से पूछा तो वह ठीक जवाब नहीं दे सके। इस पर नाराज एसडीएम वापस लौट आई। इस संबंध में पूछे जाने पर एसडीएम श्रद्धा सिंह ने पूछे जाने पर गोलमोल जवाब देते हुए हामी भरी। वही सीओ सिटी ने कुछ कहने से इंकार कर दिया।

डॉक्टरों ने अधिकारियों के सामने रखी यह मांगे
1. होमगार्ड राजेंद्र मिश्रा का मेडिकल परीक्षण कराकर इनके प्रार्थना पत्र के आधार पर मेडिकल प्रोटैक्शन के एक्ट तहत एफआईआर         पंजीकृत कराकर दोषियों के विरूद्ध विधिक कार्यवाही की जाये।
2. चिकित्सालय परिसर में पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किया जाय, जिससे रोगियों का समुचित उपचार किया जा सके।
3. एफआईआर से चिकित्सकों के नाम तत्काल हटाया जाये।

हम लोग कोई गलत मांग नहीं कर रहे हैं। अस्पताल में इलाज करते हैं तो सुरक्षा भी जरूरी है। यदि कोई हंगामा करेगा तो कैसे इलाज होगा। सीएमएस और मेरा नाम भी एफआईआर में लिखा है—डा. आरएस मधोरिया जिलाध्यक्ष, पीएमएस संघ लखीमपुर खीरी।

कल भाजपा कार्यकर्ता ने अस्पताल में हंगामा किया। होमगार्ड की पिटाई की। जब तक भाजपा कार्यकर्ता के खिलाफ मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज नहीं होती और डाक्टर के नाम नहीं हटाए जाते। तब तक हड़ताल जारी रहेगी—अनिल कन्नौजिया अध्यक्ष, डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन लखीमपुर खीरी।

मैं अस्पताल गई थी। वार्ता भी डाक्टरों से की, लेकिन डॉक्टर अपनी जिद पर अड़े थे, इसलिए मैं दोपहर करीब दो बजे चली आई थी—श्रद्धा सिंह, एसडीएम सदर।

अभी संगठन के पदाधिकारियों के साथ वार्ता चल रही है। उम्मीद है की जल्द ही हड़ताल समाप्त हो जाएगी—डा. हर्षवर्धन, सीएमएस जिला अस्पताल।

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