पीलीभीत: शानो-शौकत से मनाया जा रहा 21वां सालाना उर्स-ए-कबीर उल औलिया, मुशायरे का हुआ एहतमाम
पीलीभीत, अमृत विचार। बिलसंडा रोड कस्बा बीसलपुर में 21 वां सालाना उर्स-ए-कबीर उल औलिया पहाड़गंज शानो शौकत से मनाया जा रहा है। शुक्रवार रात को एक तरही नातो मनकवत मुशायरे का एहतमाम किया गया। जिसमें शायरों ने अपने कलाम पेश किए। मुशायरे की जेरे सरपरस्ती हजरत ख्वाजा सूफी अहमद सगीर मियां उर्फ बाबू मियां ने …
पीलीभीत, अमृत विचार। बिलसंडा रोड कस्बा बीसलपुर में 21 वां सालाना उर्स-ए-कबीर उल औलिया पहाड़गंज शानो शौकत से मनाया जा रहा है। शुक्रवार रात को एक तरही नातो मनकवत मुशायरे का एहतमाम किया गया। जिसमें शायरों ने अपने कलाम पेश किए। मुशायरे की जेरे सरपरस्ती हजरत ख्वाजा सूफी अहमद सगीर मियां उर्फ बाबू मियां ने की। निजामत उस्ताद शायर शराफत हुसैन शाद पीलीभीत ने की।
अहमद सगीर मियां ने फरमाया कि रहूं चरणों में उनके गर्व है अपमान थोड़ी, मेरे आनंद का हर एक को अनुमान थोड़ी है। शाद पीलीभीती ने पेश किया कि हुकूमत की है जिसने बैठकर टूटी चटाई पर, मोहम्मद मुस्तफा जैसा कोई सुल्तान थोड़ी है। फिरदौस हुसैन कबीर ने कहा कि अली भी उसके मौला हैं कि मैं जिस जिस का मौला हूं, नबी का हुक्म है य आमसा फरमान थोड़ी है। मोहम्मद हाशिम नाज ने फरमाया कि ए हाशिम नाज मत करना कभी अपनी नमाजों पर, नमाजे पढ़ रहे हो तो कोई एहसान थोड़ी है। कासिम वारसी शाहजहांपुर ने कहा कि नबी की नात लिखने में पसीने छूट जाते हैं, नबी की नात लिख लेना कोई आसान थोड़ी है।
फहीम शाहजहांपुर ने पेश किया कि मुझे ईमान की दौलत मिली है उन के सदके में, किसी भी ऐरे गैरे का कोई एहसान थोड़ी है। इजहार शाहजहांपुर ने कहा कि नबी के नाम से हारी हुई बाजी पलटती है, हमारे वास्ते मुश्किल कोई मैदान थोड़ी है। नूर सेथली ने पेश किया कि शबे हिजरत तड़प कर ये कहा सिद्धि के अकबर ने, मेरे सरकार से बढ़कर यह मेरी जान थोड़ी है।
मोहम्मद आलम रजा जहांगीरी ने कलाम पेश किया कि मेरे मुर्शिद मेरे दाता जबां पर यह तराना है, हमारे वास्ते काफी कबीरी आस्ताना है। इसके अलावा जाबिर शाहजहांपुरी, अजहर वारसी, शाहिद रजा बरेलवी, रेहान कादरी शाहजहांपुरी, हाफिज अथर शाहजहांपुरी, सगीर कबीरी, जहीर कबीरी, मोहम्मद इदरीश कबीरी, शराफत रजा बरेलवी, फारूक अली कबीरी, मोहम्मद आरिश कादरी आदि शायरों ने कलाम से नवाजा। मुशायरा देर रात तक चला।
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