मथुरा: गुमशुदा पति को तलाश रही महिला को पुलिस ने बनाया बंधक, मदद के लिए दर-दर की ठोकर खा रही पीड़िता

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मथुरा, अमृत विचार। शहर कोतवली की रामनगर कालोनी निवासी महिला अपने गुमशुदा पति की तलाश में दर दर की ठोकर खा रही है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर गुमशुदगी तो दर्ज कर ली है, लेकिन एक्शन के नाम पर हाथ पर हाथ रखे बैठी है। रविवार को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को अपनी पीड़ा …

मथुरा, अमृत विचार। शहर कोतवली की रामनगर कालोनी निवासी महिला अपने गुमशुदा पति की तलाश में दर दर की ठोकर खा रही है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर गुमशुदगी तो दर्ज कर ली है, लेकिन एक्शन के नाम पर हाथ पर हाथ रखे बैठी है। रविवार को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को अपनी पीड़ा सुनाने के लिए महिला और उसके परिजन सुबह से ही जिला अस्पताल में बैठे हुए थे, लेकिन जैसे ही इसकी भनक कोतवाली पुलिस को लगी तो वह पीड़ित महिला और उसके परिजनों को बहला फुसलाकर जिला अस्पताल की चौकी के अंदर ले गए। पीड़ित महिला का आरोप है कि यहां उसे डेढ घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। डिप्टी सीएम के जाने के बाद ही उसे चौकी से बाहर निकलने दिया।

कोतवाली की रामनगर कालोनी निवासी शीलेश के अनुसार उसके पति धर्मेंद्र उर्फ गोलू पुत्र श्रवण कुमार अपने बड़े भाई को देखने के लिए 27 अगस्त को जिला अस्पताल आए थे। यहां उन्होंने अपने बड़े भाई का हालचाल जाना और वापस चले गए, लेकिन घर नहीं पहुंचे। काफी देर इंतजार करने के बाद भी जब धर्मेंद्र घर नहीं पहुंचा तो उसकी पत्नी को चिंता हुई। उसने अपने परिजनों को इसकी जानकरी दी। परिजनों ने धर्मेंद्र को रिश्तेदारी तथा परिचितों के यहां तलाश किया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। पीड़िता अपने बच्चों के साथ कोतवाली पहुंची, लेकिन यहां उसकी सुनवाई नहीं हुई।

लगातार चक्कर लगाने के बाद अंत में तीन सितंबर को पुलिस ने उसके पति की गुमशुगदी तो दर्ज कर ली, लेकिन उसकी खोजबीन के लिए कोई प्रयास नहीं किया। इसी बीच अमरनाथ स्कूल के पास एक युवक को उसके पति का आधार कार्ड एवं एटीएम कार्ड पड़ा हुआ मिला। युवक ने दोनों कार्ड वहां मौजूद गार्ड को दे दिया। किसी तरह इसकी जानकारी पीड़िता को मिली तो उसने सारी बात पुलिस को बताई फिर भी पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। पीड़िता के अनुसार कुछ समय पहले राहुल, भूषण एवं राणा नामक व्यक्ति से उसके पति का झगड़ा हो गया था।

आरोपियों ने उसके घर पर फायरिंग भी की और जान से मारने की धमकी भी दी। उसने शक के आधार पर पुलिस को आरोपियों से पूछताछ की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस उसकी सुनने को तैयार नहीं है। हां रविवार को जिला अस्पताल आए डिप्टी सीएम से पीड़िता की मुलाकात रोकने के लिए उसे चौकी के अंदर बंधक बनाकर अवश्य रखा। महिला को बंधक बनाने के मामले में कोई भी पुलिस अधिकारी कैमरे के सामने बोलने को तैयार नहीं हुआ।

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