ग्रेटर नोएडा: IDF विश्व डेयरी सम्मेलन में PM मोदी बोले- भारत के डेयरी सेक्टर की असली कर्णधार महिलाएं हैं

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ग्रेटर नोएडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में अंतरराष्ट्रीय डेयरी संघ विश्व डेयरी सम्मेलन (आईडीएफ डब्ल्यूडीएस) 2022 के उद्घाटन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस मौके पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी रहे। पीएम मोदी ने ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में लगी प्रदर्शनी का …

ग्रेटर नोएडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में अंतरराष्ट्रीय डेयरी संघ विश्व डेयरी सम्मेलन (आईडीएफ डब्ल्यूडीएस) 2022 के उद्घाटन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस मौके पर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी रहे। पीएम मोदी ने ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में लगी प्रदर्शनी का जायजा भी लिया।

केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने कहा कि ये सम्मेलन करीब 50 साल बाद हो रहा है और 1974 में जब ये सम्मेलन हुआ था तब हमारा दूध का उत्पादन 23 मिलियन टन था और आज जब हम इस सम्मेलन को कर रहें तो 220 मिलियन टन यानी 10 गुना दूध की वृद्धि हुई है।

क्या बोले पीएम मोदी ?
पीएम मोदी ने कहा कि डेयरी सेक्टर का सामर्थ्य ना सिर्फ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देता है बल्कि ये दुनिया भर में करोड़ों लोगों की आजीविका का भी प्रमुख साधन है। मुझे विश्वास है कि ये सम्मेलन विचार, तकनीक, विशेषज्ञता और डेयरी क्षेत्र से जुड़ी परंपराओं के स्तर पर एक दूसरे की जानकारी बढ़ाने और सीखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगी।

पीएम मोदी ने कहा कि विश्व के अन्य विकसित देशों से अलग, भारत में डेयरी सेक्टर की असली ताकत छोटे किसान हैं। भारत के डेयरी सेक्टर की पहचान Mass Production से ज्यादा Production by Masses की है। आज भारत में Dairy Cooperative का एक ऐसा विशाल नेटवर्क है जिसकी मिसाल पूरी दुनिया में मिलना मुश्किल है। ये डेयरी कॉपरेटिव्स देश के दो लाख से ज्यादा गांवों में, करीब-करीब दो करोड़ किसानों से दिन में दो बार दूध जमा करती हैं और उसे ग्राहकों तक पहुंचाती हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत में Dairy Cooperative का एक ऐसा विशाल नेटवर्क है जिसकी मिसाल पूरी दुनिया में मिलना मुश्किल है। ये डेयरी कॉपरेटिव्स देश के दो लाख से ज्यादा गांवों में, करीब-करीब दो करोड़ किसानों से दिन में दो बार दूध जमा करती हैं और उसे ग्राहकों तक पहुंचाती हैं इस पूरी प्रकिया में बीच में कोई मिडिल मैन नहीं होता, और ग्राहकों से जो पैसा मिलता है, उसका 70 प्रतिशत से ज्यादा किसानों की जेब में ही जाता है। पूरे विश्व में इतना ज्यादा Ratio किसी और देश में नहीं है।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत के डेयरी सेक्टर में Women Power 70% Workforce का प्रतिनिधित्व करती है। भारत के डेयरी सेक्टर की असली कर्णधार महिलाएं हैं। इतना ही नहीं, भारत के डेयरी कॉपरेटिव्स में भी एक तिहाई से ज्यादा सदस्य महिलाएं ही हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि 2014 के बाद से हमारी सरकार ने भारत के डेयरी सेक्टर के सामर्थ्य को बढ़ाने के लिए निरंतर काम किया है। आज इसका परिणाम Milk Production से लेकर किसानों की बढ़ी आय में भी नजर आ रहा है। 2014 में भारत में 146 मिलियन टन दूध का उत्पादन होता था। अब ये बढ़कर 210 मिलियन टन तक पहुंच गया है। यानि करीब-करीब 44 प्रतिशत की वृद्धि।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत, डेयरी पशुओं का सबसे बड़ा डेटाबेस तैयार कर रहा है। डेयरी सेक्टर से जुड़े हर पशु की टैगिंग हो रही है। आधुनिक टेक्नोल़ॉजी की मदद से हम पशुओं की बायोमीट्रिक पहचान कर रहे हैं। हमने इसे नाम दिया है- पशु आधार।

पीएम मोदी ने कहा कि खेती में मोनोकल्चर ही समाधान नहीं है, बल्कि विविधता बहुत आवश्यकता है।ये पशुपालन पर भी लागू होता है। इसलिए आज भारत में देसी नस्लों और हाइब्रिड नस्लों, दोनों पर ध्यान दिया जा रहा है। भारत में हम पशुओं के यूनिवर्सल वैक्सीनेशन पर भी बल दे रहे हैं। हमने संकल्प लिया है कि 2025 तक हम शत प्रतिशत पशुओं को फुट एंड माउथ डिजीज़ और ब्रुसलॉसिस की वैक्सीन लगाएंगे। हम इस दशक के अंत तक इन बीमारियों से पूरी तरह से मुक्ति का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ समय में भारत के अनेक राज्यों में Lumpy नाम की बीमारी से पशुधन की क्षति हुई है। विभिन्न राज्य सरकारों के साथ मिलकर केंद्र सरकार इसे कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है। हमारे वैज्ञानिकों ने Lumpy Skin Disease की स्वदेशी वैक्सीन भी तैयार कर ली है।

क्या बोले सीएम योगी ?
सीएम योगी ने कहा कि महिला स्वयं सेवी समूहों द्वारा बुंदेलखंड क्षेत्र में ‘बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर’ संस्था संचालित है। वर्तमान प्रतिदिन 1.35 लाख लीटर दुग्ध का कलेक्शन होता है, लगभग ₹150 करोड़ का वार्षिक टर्नओवर है, जिसमें ₹13 करोड़ का नेट प्रॉफिट होता है। प्रदेश में जनवरी 2023 में ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ प्रस्तावित है। इसके तहत डेयरी सेक्टर से जुड़े किसानों व पशुपालकों के जीवन में परिवर्तन लाने, उन्हें रोजगार सृजन के साथ निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का कार्य होगा।

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 6,600+ गोआश्रय स्थल यूपी सरकार के स्तर पर संचालित हैं। सहभागिता योजना के अंतर्गत भी 1.50 लाख गोवंश किसान व पशुपालकों को उपलब्ध कराकर पशुओं के संरक्षण के लिए एक निश्चित धनराशि भी सरकार दे रही है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन व भारत सरकार के सहयोग से यूपी सरकार अपने अन्नदाता किसानों व पशुपालकों के स्वावलंबन के लिए निरंतर कार्य कर रही है

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