बरेली: IVRI की ओर से बनाई लम्पी स्किन रोग के टीके की तकनीक हुई दिल्ली में हस्तांतरित

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बरेली,अमृत विचार। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली व राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार के वैज्ञानिकों के संयुक्त रूप से विकसित लंपी प्रोवैक एंड तकनीक को शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में कर्नाटक की बायोवेट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को हस्तांतरित कर दिया गया। कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद सचिव (डेयर) एवं महानिदेशक डा. …

बरेली,अमृत विचार। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली व राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार के वैज्ञानिकों के संयुक्त रूप से विकसित लंपी प्रोवैक एंड तकनीक को शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में कर्नाटक की बायोवेट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को हस्तांतरित कर दिया गया।

कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद सचिव (डेयर) एवं महानिदेशक डा. हिमांशु पाठक,डॉ. उप महानिदेशक (पशु विज्ञान)बीएन त्रिपाठी, भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान निदेशक डा. त्रिवेणी दत्त, राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र, हिसार निदेशक डा. यशपाल, डा. सुधा मैसूर, सीईओ, एग्रोनेट, डा. श्रीनिवासुलु किलारीसमेत अन्य लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर सचिव (डेयर) एवं महानिदेशक (आईसीएआर) डा. हिमांशु पाठक ने वैक्सीन के विकास में शामिल वैज्ञानिकों के सफल प्रयासों एवं सफल प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की सराहना की।

उन्होने आईवीआरआई इज्जतनगर व राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र हिसार को बधाई देते हुए कहा की बायोवेट प्रा. लिमिटेड, निश्चित रूप मानकों के अनुरूप वेक्सीन का निर्माण करेगी, जिससे गौवंशीय को हो रही लंपी स्कीन रोग को रोकने में कारगर सिद्ध होगी।

आईवीआरआई के निदेशक डा. त्रिवेणी दत्त ने बताया कि लंपी प्रोवेकइंड जानवरों में सुरक्षित है और घातक लंपी स्कीन रोग के खिलाफ पूरी सुरक्षा देती है। साथ ही एलएसडीवी-विशिष्ट एंटीबॉडी और सेल-मध्यस्थता प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को प्रेरित करता है। इस वैक्सीन का उपयोग ढेलेदार त्वचा रोग के खिलाफ जानवरों के रोगनिरोधी टीकाकरण के लिए किया जाता है।

सजातीय जीवित-क्षीण एलएसडी टीकों से प्रेरित प्रतिरक्षा आमतौर पर कम से कम 1 वर्ष की अवधि के लिए बनी रहती है। टीके की एक एकल खुराक में जीवित क्षीणित एलएसडीवी (रांची स्ट्रेन) की 103.5 टीसीआईडी50 होती है। भारत में वैक्सीन की काफी मांग है। इसके अलावा, प्रौद्योगिकी के लिए पेटेंट दायर किया गया है।

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