बाराबंकी: आवास विकास कालोनी में दिखी जम्मू कश्मीर की झलक, बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु
बाराबंकी। एक किलोमीटर तक लम्बी कतारों के बीच माता रानी के जयकारों के उद्घोष के बीच बच्चे , बूढ़े और नौजवान पुरुष और महिलाएं माता वैष्णो देवी व अमरनाथ के बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए लाइनों में लगे थे । श्रद्धा और अटूट विश्वास के इस दृश्य को देखते ही बन रहा है ।विगत …
बाराबंकी। एक किलोमीटर तक लम्बी कतारों के बीच माता रानी के जयकारों के उद्घोष के बीच बच्चे , बूढ़े और नौजवान पुरुष और महिलाएं माता वैष्णो देवी व अमरनाथ के बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए लाइनों में लगे थे । श्रद्धा और अटूट विश्वास के इस दृश्य को देखते ही बन रहा है ।विगत 18 वर्षों से आवास विकास कालोनी के सेक्टर पांच में स्थित बड़ा पार्क में मां वैष्णो देवी का भव्य दरबार सजाया जा रहा है। इस बार झांकी को बेहद आकर्षक बनाया गया है। झांकी के सामने सांस्कृतिक पंडाल बना है जहां दुर्गा पूजा समिति के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पूरी व्यवस्था पर पैनी नजर बनाए हैं।

इस झांकी के दर्शन करने के लिए मां वैष्णों देवी के यात्रा जैसी ही अनुभूति होती है। पहाड़ पर चढ़ाई के साथ यहां गुफा के बीच से गुजरना पड़ता है। पहाड़ और गुफाओं से गुजरते हुए पहले अमरनाथ गुफा में बर्फ़ से बनें शिवलिंग के दर्शन मिलते हैं। बाबा बर्फानी के दर्शन के बाद श्रृद्धालुओं की यात्रा पहाड़ों पर अन्दर ही अन्दर आगे बढ़ती है तब जाकर मां वैष्णो देवी के दर्शन होते हैं। यह पूरी यात्रा पहाड़ों के रास्ते ही भक्तों को करनी होती है।

वैष्णो देवी की यात्रा के बीच में भक्तों को ज्वाला देवी से लाई गई ज्वाला के दर्शन कराए जाते हैं ।इस ज्योति को लाने के लिए नवरात्रि के चार दिन पहले कमेटी के सदस्य ज्वाला देवी मंदिर जाते हैं ज्वाला नवरात्रि भर बुझने न दिए जाये इसका खास प्रबंधन किया जाता है ।जो लोग किन्हीं कारणों से मां वैष्णो देवी के दर्शन करने जम्मू नहीं पहुंच पाते उनके लिए बड़ा पार्क की झांकी दर्शन मां वैष्णो देवी की यात्रा की अनुभूति कराती है। नवरात्रि भर दुर्गा पूजा समिति द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

एक अनुमान के मुताबिक इस झांकी को देखने के लिए व माता रानी का दर्शन करने के लिए गांव से लेकर शहर तक के लाखों श्रद्धालु प्रति दिन आते हैं । ख़स बात यह यह कि इतने बड़े स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में कोई भी अप्रिय घटनाएं सुनने को नहीं मिलती है ।

सूत मिल में काम करने वाले संजय गुप्ता पहले सूतमिल कालोनी में रहते थे वहीं नवरात्र में मूर्ति रखकर पूजा-अर्चना करते थे। आवास विकास कालोनी में आने के बाद वर्ष 2005 में उन्होंने कालोनी के लोगों से नवरात्र में मां वैष्णो देवी की झांकी सजाने की मंशा व्यक्त की। संजय गुप्ता की मंशा को स्थानीय लोगों के सहयोग से फलीभूत हो गई। श्री दुर्गा पूजा समिति का गठन हुआ।तब से लेकर निरंतर जनसहयोग से यह आयोजन अपना आकार बढ़ाता ही रहा और अब लाखों की संख्या में भक्त यहां दर्शन को आते हैं।

क्या कहते हैं सिमित के लोग
श्री दुर्गा पूजा समिति मां वैष्णो देवी का दरबार सजाने के लिए कभी भी पैसों की कमी नहीं पड़ी। सभी लोग अपनी श्रद्धा से आर्थिक सहयोग करते हैं। कोशिश की गई है कि इस बार कार्यक्रम और बेहतर होंगे…प्रशांत पांडे , उपाध्यक्ष श्री दुर्गा पूजा समिति।
मां वैष्णों देवी के पंडाल में नवरात्र भर सेवा करने से मन को शांति मिलती है। आत्मबल मजबूत होता है। मां वैष्णो की कृपा से सारे कार्य सफलता पूर्वक होते हैं।यही कारण है यह कांरवा बढ़ता ही रहा और लोग जुड़ते गए …अंकुर प्रताप, कोषाध्यक्ष।
18 साल से मां वैष्णो देवी का दरबार सजा रहा हूं। हर बार झांकी में और बेहतरी आती है। श्री दुर्गा पूजा समिति के पदाधिकारियों के साथ ही जनमानस का सहयोग आयोजन को भव्यता प्रदान करता है …सत्यवान वर्मा, प्रमुख ट्रस्टी।
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