बरेली: सात साल की बच्ची को कुत्तों ने नोचकर मार डाला
बरेली, अमृत विचार। सीबीगंज के बंडिया गांव में शुक्रवार को सुबह कुत्तों के झुंड ने दो मासूम बहनों पर हमला बोल दिया। बड़ी बहन तो बमुश्किल बचकर भाग निकली लेकिन सात वर्षीय छोटी बहन को कुत्तों ने नोच-नोच कर मार डाला। दोनों मासूम गांव के खेत में शौच को गईं थीं। इस दर्दनाक घटना ने …
बरेली, अमृत विचार। सीबीगंज के बंडिया गांव में शुक्रवार को सुबह कुत्तों के झुंड ने दो मासूम बहनों पर हमला बोल दिया। बड़ी बहन तो बमुश्किल बचकर भाग निकली लेकिन सात वर्षीय छोटी बहन को कुत्तों ने नोच-नोच कर मार डाला। दोनों मासूम गांव के खेत में शौच को गईं थीं। इस दर्दनाक घटना ने हर किसी को हिलाकर रख दिया है।
सीबीगंज थाना क्षेत्र के बंडिया गांव निवासी तांगा चालक दिनेश कुमार की दो बेटी थीं- 10 वर्षीय बच्ची रोशनी और सात वर्षीय रोहिनी। रोहिनी गांव के प्राइमरी स्कूल में कक्षा 2 की छात्रा थी। दोनों की मां निर्मला देवी की पांच साल पहले मौत हो चुकी है। चूंकि घर में शौचालय नहीं है इसलिए दोनों मासूम बहनें गांव के खेतों में शौच के लिए जाती थीं।
शुक्रवार को भी सुबह सात बजे रोशनी और रोहिनी शौच के लिए खेत पर गईं। इस बीच दोनों पर गांव में घूमने वाले कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। चीखपुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों ने किसी तरह दोनों को कुत्तों के चुंगल से छुटाया। हमले में बड़ी बहन रोशनी गंभीर रूप से घायल हो गई लेकिन छोटी बहन रोहिनी की मौत हो गई। परिवार वाले जब तक उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के आवारा कुत्ते पहले भी कई मासूम बच्चों पर हमला कर उन्हें घायल कर चुके हैं। मथुरापुर के पार्षद धर्मवीर साहू ने बताया कि कुत्तों को पकड़ने के लिए वह कई बार नगर निगम में शिकायत कर चुके हैं।
मौत के बाद जागा नगर निगम, कुत्तों को पकड़ा
बंडिया गांव में लंबे समय से आवारा कुत्तों ने आतंक मचा रखा है। शिकायत के बाद भी नगर निगम टीम ने कुत्तों की धरपकड़ नही की। नतीजन शुक्रवार सुबह को खेत पर शौच के लिए गई रोहनी और उसकी बड़ी बहन रोहनी पर आवारा कुत्तों ने हमला बोलकर घायल कर दिया। जहा अस्पताल ले जाते समय रोहनी ने रास्ते में दम तोड़ दिया। उसके बाद क्षेत्रीय पार्षद धर्मवीर साहू की सूचना पर नगर निगम टीम ने गांव से दर्जनों आवारा कुत्तों को पकड़ लिया। गांव वालों का कहना है कि अगर नगर निगम की टीम पहले ही इन कुत्तों को पकड़ लेती तो आज मासूम रोहनी की मौत नहीं होती।
