World Arthritis Day 2022 : युवाओं और बच्चों में भी बढ़ रहा आर्थराइटिस, ऐसे करें बचाव
मुरादाबाद,अमृत विचार। हर दिन दर्द से तड़पते, हड्डियों में जकड़न और सूजन का पीड़ादायक अहसास जिसे होता है वह ही जानता है। आर्थराइटिस या गठिया रोग केवल घुटने तक ही सीमित नहीं रहता, यह कमर और गर्दन दर्द भी देता है। यह हड्डियों के जोड़ पर असर करता है। कोविड संक्रमण काल के बाद से …
मुरादाबाद,अमृत विचार। हर दिन दर्द से तड़पते, हड्डियों में जकड़न और सूजन का पीड़ादायक अहसास जिसे होता है वह ही जानता है। आर्थराइटिस या गठिया रोग केवल घुटने तक ही सीमित नहीं रहता, यह कमर और गर्दन दर्द भी देता है। यह हड्डियों के जोड़ पर असर करता है। कोविड संक्रमण काल के बाद से इस बीमारी से बुजुर्ग ही नहीं ब्लकि, युवा और बच्चे भी इससे प्रभावित हैं।
हर साल 12 अक्टूबर को विश्व आर्थराइटिस दिवस मनाया जाता है। जिला अस्पताल के हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ डॉ. शेर सिंह कक्कड़ आर्थराइटिस के तीन कारण बताते हैं। उनका कहना है कि आनुवांशिक, अनियमित जीवन शैली और उम्र का प्रभाव इसके लिए उत्तरदायी हैं। महिलाओं में इसका प्रभाव अधिक दिखता है, उनमें मासिक धर्म चक्र इसकी वजह बनती है। पुरुषों में यह कम रहता है। उनका कहना है कि जिला अस्पताल में उनकी ओपीडी में कोरोना संक्रमण के बाद 12-14 वर्ष के बच्चों को भी गर्दन, सिर और कंधे में दर्द की शिकायत अधिक रही।
डॉ. कक्कड़ कहते हैं कि आर्थराइटिस के इलाज और निदान के लिए पहले इसके कारण को जानना जरूरी है। यदि आनुवांशिक कारण है तो इसमें शुरु से सावधानी बरतनी जरूरी है। जीवन शैली (लाइफ स्टाइल) में बदलाव कर इससे असर को कम किया जा सकता है। उम्र का प्रभाव भी अब समय से पहले लोगों पर दिख रहा है। इसके चलते ऐसी बीमारियां बढ़ रही हैं।
बीमारी की स्थिति में सलाह
यदि इसके बाद भी आर्थराइटिस या जोड़ों में अकड़न दर्द हो तो किसी विशेषज्ञ चिकित्सक की निगरानी में इलाज कराएं। फिजियोथेरेपी व शारीरिक कसरत भी चिकित्सक की सलाह के अनुसार करें।
ऐसे करें बचाव
- खानपान में संयम बरतें, चाय, कोल्ड ड्रिंक्स, एल्कोहल और फास्ट फूड से परहेज करें।
- संतुलित आहार समय से ग्रहण करें, दिनचर्या को नियमित करें।
- 10 मिनट ही सही लेकिन, नियमित रूप से व्यायाम करें।
- खुद को सक्रिय रखकर अपने ऊपर उम्र का असर जल्दी हावी न होने दें।
- कंप्यूटर, लैपटाप और मोबाइल का प्रयोग जरूरत के अनुरूप ही करें, यह जीवन नहीं, एक साधन भर है।
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