मुरादाबाद : खाकी के सामने चुनौती बना खनन माफियाओं का तिलिस्म
मुरादाबाद,अमृत विचार। उत्तराखंड में यूपी की सीमा पर वर्षों से सक्रिय खनन माफिया पुलिस के सामने बड़ी व नई चुनौती बनकर उभरे हैं। सफेदपोशों के वरदहस्त से एसडीएम तक के गिरेबान पर हाथ डालने का दुस्साहस करने वाले माफियाओं के खिलाफ मुरादाबाद पुलिस निर्णायक कार्रवाई के मूड में है। फिलहाल पुलिस की राह में सबसे …
मुरादाबाद,अमृत विचार। उत्तराखंड में यूपी की सीमा पर वर्षों से सक्रिय खनन माफिया पुलिस के सामने बड़ी व नई चुनौती बनकर उभरे हैं। सफेदपोशों के वरदहस्त से एसडीएम तक के गिरेबान पर हाथ डालने का दुस्साहस करने वाले माफियाओं के खिलाफ मुरादाबाद पुलिस निर्णायक कार्रवाई के मूड में है। फिलहाल पुलिस की राह में सबसे बड़ा रोड़ा वह उत्तराखंड पुलिस है, जिसके सुर मुरादाबाद पुलिस से जुदा हैं।
उत्तराखंड की सीमा में खनन माफियाओं की धमक वर्षों से है। मुरादाबाद, बिजनौर व रामपुर के रास्ते माफियाओं के वाहन यूपी की सीमा में दाखिल होते रहे हैं। वाहनों से धन उगाही करने के मामले भी बीते वर्षों में कई बार सुर्खी बने। ऐसी सनसनीखेज सूचनाएं बीते दिनों शासन तक के कान तक पहुंच गई। उत्तराखंड में सक्रिय आरएसएस कार्यकर्ता ने खनन माफिया व पुलिस और प्रशासनिक अमले के गठजोड़ की कहानी शासन तक को सुनाई। तभी मुख्यमंत्री ने सीधे खेल का संज्ञाने लेते माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया। दबाव में आई पुलिस ने जब माफियाओं के खिलाफ मोर्चा खोला तो खनन के खेल के जड़ का पता लगा।
मुरादाबाद पुलिस जसपुर के ज्येष्ठ ब्लाक प्रमुख गुरुताज भुल्लर को खनन माफियाओं का आका बता रही है। पुलिस के मुताबिक भुल्लर के घर में ही जफर छिपा था। गुरताज व उसके दोनों भाई कुख्यात अपराधी बताए जा रहे हैं। गुरुताज भुल्लर तीन भाई हैं। बड़ा भाई गुरुताज राजनीति में दखल रखता है। जबकि दूसरे भाई सत्ता भुल्लर के हाथ में उत्तराखंड व यूपी में खनन की बागडोर है। तीसरा भाई जगतार व भतीजा अनूप भी खनन के काले कारोबार में एक-दूसरे का हाथ बंटाते हैं। तीनों भाईयों के खिलाफ पूर्व में ही हत्या व हत्या के प्रयास के दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं। तीनों भाइयों का उत्तराखंड के खनन पर एकाधिपत्य है। उनके पास दर्जनों असलहों के लाइसेंस हैं। भुल्लर ट्रांसपोर्ट के नाम से दर्जनों डंफर सड़क पर आसानी से देखे जा सकते हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि मुरादाबाद पुलिस खनन माफियाओं के उस आका से पार कैसे पाएगी, जिसके गुर्गों ने एक झटके में छह पुलिस कर्मियों को बंधक बनाकर न सिर्फ उनका असलहा लूटा, बल्कि बेरहमी से मारपीट करते हुए एक सिपाही के पैर में गोली भी मार दी।
शव के अंतिम संस्कार होने तक दबाव में रही पुलिस
जसपुर के ज्येष्ठ ब्लाक प्रमुख की पत्नी का अंतिम संस्कार होने तक मुरादाबाद पुलिस भारी दबाव में रही। पुलिस के उच्चाधिकारियों ने राहत की सांस तब ली, जब उत्तराखंड पुलिस ने गुरुवार दोपहर बाद करीब दो बजे मोबाइल फोन पर शव का अंतिम संस्कार होने की पुष्टि की। इसके बाद पुलिस के उच्चाधिकारी खनन माफियाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का खाका खींचना शुरू कर दिया। सूत्रों की मानें तो शासन ने हरहाल में खनन माफियाओं को उनकी माद में घुसकर सबक सिखाने का निर्देश स्थानीय पुलिस को दिया है। ऐसे में पुलिस की अग्रिम कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।
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