राजमार्ग परियोजनाओं से जुड़ेंगे प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थान

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संजय सिंह, नई दिल्ली। देश के महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग संस्थान अब अपने आसपास की हाइवे परियोजनाओं से जुड़ेंगे और उनके निर्माण तथा रखरखाव में एनएचएआई की मदद करेंगे। एनएचएआई ने देश के विभिन्न आईआईटी, एनआइटी तथा अन्य प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों को अपने साथ सहयोग का प्रस्ताव दिया है और उनके साथ गठजोड़ कर रहा है। एनएचएआई …

संजय सिंह, नई दिल्ली। देश के महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग संस्थान अब अपने आसपास की हाइवे परियोजनाओं से जुड़ेंगे और उनके निर्माण तथा रखरखाव में एनएचएआई की मदद करेंगे। एनएचएआई ने देश के विभिन्न आईआईटी, एनआइटी तथा अन्य प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों को अपने साथ सहयोग का प्रस्ताव दिया है और उनके साथ गठजोड़ कर रहा है।

एनएचएआई के प्रवक्ता प्रवीण त्यागी के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग विकास प्राधिकरण की ये मुहिम बहुउद्देश्यीय है। इसका मकसद एक तरफ इंजीनियरिंग संस्थानों के फैकल्टी सदस्यों की विशेषज्ञताओं का लाभ उठाना है तो दूसरी तरफ उनके छात्रों को निकटवर्ती सड़क परियोजनाओं में इंटर्नशिप का मौका देना है।

इतना ही नहीं इसके जरिये एनएचएआई को वित्तीय मुश्किलों से भी राहत की उम्मीद है। क्योंकि ये इंस्टीट्यूट हाइवे परियोजनाओं की स्थानीय भूभौगोलिक स्थितियों, संसाधनों तथा अड़चनों को ज्यादा बेहतर ढंग से समझते हैं और इनके पास उनके निदान के सरल और किफायती उपाय हो सकते हैं।

इसके अलावा इनकी फैकल्टी के व्यापक अनुभव और छात्रों की नैसर्गिक प्रतिभाओं का उपयोग करके एनएचएआई हाइवे परियोजनाओं में होने वाले अनावश्यक खर्चो से भी खुद को बचा सकेगा। एनएचएआइ को भरोसा है कि इंजीनियरिंग संस्थानों की मदद से सड़क निर्माण के पहले, दौरान और उपरांत खर्चों को ज्यादा बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा।

अपनी इस अनूठी योजना को कार्यरूप में परिणत करने के लिए एनएचएआइ ने प्रमुख आइआइटी, एनआइटी और अन्य नामी इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट के निदेशकों से संपर्क स्थापित कर उन्हें सहयोग के लिए आमंत्रित कर रहा है। अनेक इंस्टीट्यूट के साथ समझौता ज्ञापन अथवा एमओयू भी हस्ताक्षरित किए जा चुके हैं।

पारस्परिक लाभ के इस उपक्रम में इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट के छात्रों को सड़क निर्माण प्रक्रिया में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेने और उसे सीखने-समझने का मौका मिलेगा और उनकी इंटर्नशिप बिना झमेले के पूरी हो जाएगी।  हाइवे के निर्माण, रखरखाव और यातायात प्रबंधन में सिविल इंजीनियरिंग के साथ साथ इन्फॉर्मेशन टेकनोलॉजी की भी महती आवश्यकता पड़ती है।

एनएचएआइ का मानना है कि स्थानीय इंजीनियरिंग कॉलेजों के सहयोग से न केवल राजमार्गों का समय पर बेहतर निर्माण होगा बल्कि खर्च में भी बचत होगी। दुर्घटनाओं को कम करने में भी ये सहयोग प्रभावी होगा क्योंकि ये इंस्टिट्यूट स्थानीय यातायात दशाओं के अलावा दुर्घटना संवेदी स्थलों को भी बखूबी समझते हैं और उन्हें दुरुस्त करने के इनके पास ज्यादा व्यावहारिक उपाय हो सकते हैं।

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