अतिक्रमण : भू-माफिया-एडीए का गठजोड़, परिक्रमा मार्ग पर भी तमाम अवैध कब्जे
अमृत विचार, अयोध्या। धर्मनगरी अयोध्या का 14 कोसी परिक्रमा मार्ग भी भू-माफिया व अयोध्या विकास प्राधिकरण के गठजोड़ से नहीं बच पाया। 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर भी बड़ी संख्या में अवैध कब्जे हो गए हैं। जगह-जगह लोगों ने मकान बनवा कर 14 कोसी परिक्रमा मार्ग को भी संकुचित कर दिया है। हास्यास्पद तो यह …
अमृत विचार, अयोध्या। धर्मनगरी अयोध्या का 14 कोसी परिक्रमा मार्ग भी भू-माफिया व अयोध्या विकास प्राधिकरण के गठजोड़ से नहीं बच पाया। 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर भी बड़ी संख्या में अवैध कब्जे हो गए हैं। जगह-जगह लोगों ने मकान बनवा कर 14 कोसी परिक्रमा मार्ग को भी संकुचित कर दिया है। हास्यास्पद तो यह है कि प्राधिकरण ने भी बिना जांचे परखे अतिक्रमण कर बनाये गए भवनों के नक्शे स्वीकृत कर दिए। नतीजा आने वाली परिक्रमा पर श्रद्धालुओं को झेलना पड़ेगा।
आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व के 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर अवैध कब्जों की यह स्थिति है कि जिलाधिकारी आवास के पीछे से गुजरे परिक्रमा मार्ग तक पर अवैध कब्जा हो गया है। अब जब एक नवम्बर से चौदह कोसी परिक्रमा शुरू होनी है तो श्रद्धालुओं के सामने एक बड़ा संकट है। यही नहीं अवैध कब्जे वाले स्थानों पर व्यवस्था भी प्रशासन के सामने किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। पूरे चौदह कोसी परिक्रमा मार्ग पर सर्वाधिक अवैध कब्जे सिविल लाइन से क्षेत्र से गुजरने वाले मार्ग पर है।
बता दें कि सिविल लाइन गद्दोपुर चौराहे से लखनऊ रोड स्थित हनुमान मंदिर तक दर्जनों की संख्या में पक्के निर्माण खड़े हो गए हैं। मकान बनाने वालों ने जहां तक मन किया बढ़ाकर निर्माण करा लिया। कई आवासों के छज्जे तक सड़क तक फैले हैं। वहीं जनौरा से मोदहा गद्दोपुर चौराहे तक भी परिक्रमा मार्ग अवैध कब्जे से अछूता नहीं रह गया है। यहां भी एक दो नहीं बहुमंजिला इमारते प्राधिकरण और भू-माफिया के गठजोड़ की तस्दीक करती हैं। गंभीर बात यह है कि अयोध्या के भीतर से होकर गुजरे इस परिक्रमा मार्ग पर अवैध कब्जा कर निर्माण करा लिया गया है। अकेले मानस भवन ट्रस्ट की चाहरदीवारी ही नहीं उस इलाके में कई निर्माण हो गए हैं।
यह सवाल उठना है लाजिमी
अब सवाल उठ रहे हैं कि प्राधिकरण ने आंख बंद कर कैसे नक्शे पास कर दिए। यही नहीं निर्धारित मानकों के विरुद्ध किए गए निर्माण को अनदेखा क्यों किया गया। सूत्रों का कहना है कि परिक्रमा मार्ग पर चार वर्षों के दौरान बड़ी संख्या में निर्माण हुए जिसे खुले तौर पर अनदेखा किया गया। भू-माफिया को बेजा लाभ पहुंचाने के लिए नियम कायदे सब ताख पर रख दिए गए।
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