अदालत का फैसला : दहेज हत्या में पति, सास समेत तीन को सजा

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अमृत विचार, कन्नौज। दहेज हत्या के मुकदमे में दोष सिद्ध होने पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ‍विश्वंभर प्रसाद ने पति, सास और ननद को 10-10 साल की जेल की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक को 12000-12000 रुपये जुर्माना भरने का भी आदेश दिया है। जुर्माना अदा न करने पर एक-एक माह की जेल …

अमृत विचार, कन्नौज। दहेज हत्या के मुकदमे में दोष सिद्ध होने पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ‍विश्वंभर प्रसाद ने पति, सास और ननद को 10-10 साल की जेल की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक को 12000-12000 रुपये जुर्माना भरने का भी आदेश दिया है। जुर्माना अदा न करने पर एक-एक माह की जेल और भुगतनी होगी।

शासकीय अधिवक्ता तरुण चंद्रा ने बताया कि एक अगस्त 2013 को रामकृष्ण निवासी रुई थाना भोगांव मैनपुरी ने विशुनगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी बहन रिंकी की शादी 30 मई 2009 को मुकेश पाल पुत्र स्व. कालीचरन निवासी उस्मानपुर थाना विशुनगढ़ के साथ हिंदू रीति रिवाज के साथ अपनी सामर्थ्य अनुसार दान दहेज देकर की थी।

इस दान दहेज से मुकेश पाल, उसकी मां विद्यावती व बहन कु. नीरज, गुड्डी, पप्पी खुश नहीं थीं। वे कह रहीं थीं कि उनका एक भाई है। इसलिए अल्टो कार व 50 हजार रुपये चाहिए। इस मांग को लेकर बहन को मारपीटकर प्रताड़ित करते रहे। बहन ने इसकी जानकारी दी तो रिश्तेदारों को भेजकर समझाया।

आरोप लगाया था कि कुछ दिन पहले मुकेश के मामा तेजराम निवासी मुडिया नगला ने उससे कहा कि रिंकी को मार दो। वह उसकी दूसरी शादी करवा देगा। एक अगस्त 2013 को आरोपियों ने बहन को ज्वलनशील पदार्थ डालकर जलाकर मार दिया और शव को पास के तालाब में फेंक दिया।

मामला दर्ज होने के बाद विवेचक ने चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद चली सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने मुकेश, विद्यावती व नीरज पत्नी राजीव कुमार निवासी धरमंगदपुर थाना तिर्वा को सजा व जुर्माने से दंडित किया।

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