बांदा : अवैध खनन के विरोध में धरने पर बैठा पीड़ित परिवार

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बांदा, अमृत विचार। पूरे जनपद में अवैध खनन के लिए चर्चित लहुरेटा बालू खदान एक बार फिर सुर्खियों में है। बालू माफिया किसानों के निजी खेत से जबरन बालू निकासी कर रहे हैं। निजी भूमि से जबरन बालू निकासी का विरोध करना एक परिवार को भारी पड़ गया। बालू माफियाओं ने एक ही परिवार के …

बांदा, अमृत विचार। पूरे जनपद में अवैध खनन के लिए चर्चित लहुरेटा बालू खदान एक बार फिर सुर्खियों में है। बालू माफिया किसानों के निजी खेत से जबरन बालू निकासी कर रहे हैं। निजी भूमि से जबरन बालू निकासी का विरोध करना एक परिवार को भारी पड़ गया। बालू माफियाओं ने एक ही परिवार के आधा दर्जन लोगों को लाठियों से पीटकर बेदम कर दिया। आरोप है कि पिटाई के दौरान बालू माफियाओं और उनके गुर्गों ने महिलाओं के कपड़े फाड़ दिए और अभद्रता की। पुलिस कार्रवाई न होने से नाराज पीड़ितों ने कोतवाली के बाहर धरना दिया।

नरैनी कोतवाली क्षेत्र के लहुरेटा गांव में एक परिवार पर खनन माफियाओं का कहर टूटा है। अवैध खनन का विरोध करने पर खनन माफियाओं ने पूरे कुनबे पर लोहे की रॉड व डंडों से हमला कर दिया। हमले में दो महिलाओं समेत छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ितों ने बताया कि गांव में बालू पट्टाधारक निजी भूमि से बालू का अवैध खनन कर रहे हैं। वैध पट्टा की आड़ में खनन माफिया दबंगई के बलबूते पट्टा के आसपास किसानों की निजी भूमि से मशीनों की मदद रसे जबरन बालू निकासी करा रहे हैं।

पीड़ित नाजरीन पुत्री रमजान बेग ने बताया बुधवार की सुबह वह अपनी बहन के साथ खेत में पानी लगाने गई थी। उनके खेत से खनन माफिया चार पोपलैंड मशीनों की मदद से बालू की निकासी कर रहे थे। अवैध खनन का विरोध करने पर माफियाओं को नागवार गुजरा। मौके पर बालू माफिया व उनके गुर्गे आ गए। लोहे की राड और डंडों से उन पर हमला बोल दिया। मारपीट के दौरान उसके और बहन के कपड़े भी फाड़ दिए और अभद्रता की।

दोनों अपनी जान बचाकर घर की ओर भागीं तो गुर्गों ने उनके परिवार के अन्य चार सदस्यों को को लाठी-डंडों से पीटकर बेदम कर दिया। पूरा कुनबा आपबीती सुनाने कोतवाली पहुंचा। लेकिन कोतवाली में पीड़ितों की कोई सुनवाई नहीं हुई। नाजरीन के मुताबिक कोतवाली से यह कहकर वापस कर कि कोतवाल प्रभारी बाहर हैं। सुनवाई न होने पर पूरे परिवार ने कोतवाली के बाहर धरना शुरू कर दिया। उधर, कोतवाली प्रभारी मनोज शुक्ला ने बताया कि पीड़ित पक्ष पट्टा वाली जमीन को जबरन अपनी बता रहा है। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर इसके पूर्व डीएम के निर्देश पर एसडीएम के नेतृत्व में दो बार पट्टे की पैमाइश कराई जा चुकी है। पीड़ित पक्ष पट्टाधारक से रुपये ऐंठने के लिए फर्जी आरोप लगा रहा है। किसी के साथ मारपीट नहीं हुई है।

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