Delhi जितनी खराब हुई Kanpur की हवा, औद्योगिक नगरी का AQI 237 रिकॉर्ड किया गया, खराब सड़कों की धूल से बीमारी के शिकार हो रहे लोग
अमृत विचार, कानपुर। संतुलित स्थिति में आने के बाद औद्योगिक नगरी में प्रदूषण फिर बढ़ गया है। बुधवार को कानपुर की हवा दिल्ली जितनी खराब रही है। दोनों की ही स्थिति खराब है और नारंगी घेरे में हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सुधार नहीं होता है तो पर्यावरण पर खतरा बढ़ सकता है, जिससे स्थिति लाल …
अमृत विचार, कानपुर। संतुलित स्थिति में आने के बाद औद्योगिक नगरी में प्रदूषण फिर बढ़ गया है। बुधवार को कानपुर की हवा दिल्ली जितनी खराब रही है। दोनों की ही स्थिति खराब है और नारंगी घेरे में हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सुधार नहीं होता है तो पर्यावरण पर खतरा बढ़ सकता है, जिससे स्थिति लाल घेरे में आ सकता है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बुधवार को जो AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) रिकॉर्ड किया है उसमें दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश के एनसीआर जिलों की हवा की स्थिति खराब दिखाई है। दिल्ली का एक्यूआई जहां 260 है तो वहीं गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में यह अंक 246 है।
Kanpur की AQI अंकों में इनसे कुछ कम है। लेकिन जो एक्यूआई 236 रिकॉर्ड की गई है वह स्थिति प्रदूषण मामले में दिल्ली और एनसीआर इलाकों के बराबर ही दर्शाती है। पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि 201 से 300 तक एक्यूआई का अर्थ है कि हवा में प्रदूषण काफी है, जिससे हवा कि स्थिति खराब है और वह क्षेत्र नारंगी घेरे में है। बुधवार को दिल्ली, एनसीआर की तरह ही कानपुर की स्थिति भी पॉल्यूशन मामले में खराब थी।
इस मौसम में वातावरण में नमी अधिक होने की वजह से प्रदूषण बढ़ जाता है। हवा अधिक ऊंचाई तक नहीं पहुंचती है। इस वजह से उड़ती धूल और धुआं हवा में ही ठहर जाते हैं। इस वजह से धुंध छा जाती है। लोगों से अपील की जाती है कि पॉलीथिन आदि कचरा न जलाएं। ऐसा करते हैं तो हवा में यह जहर का काम करते हैं। सांस के जरिये जब दूषित हवा शरीर के भीतर प्रवेश करती है तो बड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा देती है। खराब सड़कों की धूल में गले में इंफेक्शन पैदा करता है।
