केजीएमयू: एप्रन पहनकर जॉर्जियन ने ली महर्षि चरक संहिता की शपथ
लखनऊ। किंगजार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में मंगलवार को एमबीबीएस और बीडीएस के नये शैक्षिक सत्र की शुरूआत हुई। सत्र शुरू होने से ठीक पहले एप्रन पहनकर जॉर्जियन बने छात्र-छात्राओं ने चरक संहिता की शपथ ली। छात्र-छात्राओं ने यह शपथ अटल बिहारी बाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इंडक्शन सेरेमनी के दौरान ली। उसके बाद उनके मेडिकल पढ़ाई की शुरूआत हुई।
दरअसल, केजीएमयू के अटल बिहारी बाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में एमबीबीएस एवं बीडीएस - 2022 में चयनित कुल 202 छात्र -छात्राओं के स्वागत के लिए इंडक्शन सेरेमनी का आयोजन किया गया। इस दौरान केजीएमयू के कुलपति ले.ज. डॉ. बिपिन पुरी ने छात्र-छात्राओं को अहम सीख देते हुये कहा कि मेडिसिन सिर्फ किताबों में नहीं होती है। जो आप मरीजों का इलाज करते हैं, उससे सीखते हैं। यदि आप यह सोचें की लाइब्रेरी में जाकर आप डॉक्टर बन सकते हैं तो आप कभी डॉक्टर नहीं बन पाएंगे।
डॉक्टर आप तभी बनेंगे जब मरीजों का इलाज करेंगे, उनके साथ मधुर व्यवहार रखेंगे और साथ ही साथ किताबी ज्ञान अर्जित करेंगे। इसके अलावा कुलपति ने छात्र-छात्राओं को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपको सदैव अनुशासित रहने एवं विश्वविद्यालय की गरिमा को बनाये रखना है।
इस दौरान उन्होंने छात्रों को हर संभव मदद देने का भरोसा भी दिया। इस अवसर पर डीन एकेडेमिक प्रो. एके त्रिपाठी ने छात्र-छात्राओं को महर्षि चरक संहिता की शपथ दिलाते उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने चरक संहिता के श्लोक का अर्थ बताते हुये कहा कि आप को मरीज देखने से धर्म की प्राप्ति होती है, यदि यह नहीं मिलता है तो मैत्री मिलती है, मैत्री नहीं मिलती तो यश मिलता है यदि कुछ भी न मिले तो कर्माभ्यास मिलता है।
इस अवसर पर व्हाइट कोट सेरेमेनी भी हुई जिसमें मेडिकल की पढ़ाई करने केजीएमयू आये छात्र-छात्राओं को सफेद कोट पहनाया गया। इंडक्शन सेरेमनी में पहुंचे अभिभावकों ने कहा कि केजीएमयू जैसे संस्थान में शिक्षा पाना बच्चों के लिए गर्व की बात है। अभिभावकों ने शिक्षा के साथ बच्चों को सुरक्षा देने पर भी विश्वास जताया है। समारोह के दौरान प्रो. एके टिक्कू , चीफ प्रोवोस्ट प्रो. आरएस कुशवाहा और छात्रों के अभिभावक उपस्थित रहे।
डॉक्टर बनने की थी इच्छा
राजधानी के पीयूष मसीह ने मुंशीपुलिया स्थित किंग जार्ज इंटर कालेज से इंटर पास किया। उसके बाद आज किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में एमबीबीएस करने का मौका मिला। इस अवसर पर उनका भाई दक्ष भी मौजूद था। दक्ष ने कहा कि दोनों भाइयों ने साथ में नीट की परीक्षा दी थी। भाई का परिणाम पहले आया था। उन्हें केजीएमयू में एडमीशन मिला।
दक्ष ने बताया कि आज उनका भी परिणाम आया है। उन्हें लोहिया संस्थान मिला है। जल्द ही वह वहां पर दाखिला लेंगे। दोनों भाई साथ में डॉक्टर बनेंगे। एमबीबीएस की छात्रा नाम्या ने बताया कि शुरू से ही डॉक्टर बनने की इच्छा थी। इंटर से ही तैयारी शुरू कर दी थी। आगे शोध करने की इच्छा है। उन्होंने इस सफलता में अपने माता-पिता व शिक्षकों के योगदान का भी जिक्र किया।
