रामपुर विधान सभा उपचुनाव: तीन निर्दलीय दावेदारों के नामांकन पत्र खारिज, 11 प्रत्याशी मैदान में डटे
अभी 21 नवंबर को है नाम वापसी लेने का विकल्प, 21 बाद शुरू होगा धुआंधार चुनाव प्रचार
रामपुर, अमृत विचार। 37-रामपुर विधानसभा क्षेत्र में हो रहे उप चुनाव में तीन निर्दलीय दावेदारों का नामांकन अलग-अलग कारणों से खारिज हो गया। अब 11 प्रत्याशी ताल ठोंक रहे हैं। शनिवार को पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 4 बजे तक प्रेक्षक और अधिकारी नामांकन पत्रों की जांच पड़ताल करते रहे। अब 21 नवंबर को नाम वापसी ली जा सकती है। जबकि, पांच दिसंबर को मतदान होगा और आठ दिसंबर को नवीन मंडी स्थल पर मतगणना होगी। नवीन मंडी स्थल को अधिग्रहीत कर लिया गया है। 21 नवंबर के बाद प्रत्याशियों को पाई-पाई के खर्चे का हिसाब रखना होगा।
- नामांकन पत्रों की जांच के दौरान मौजूद रहे आयोग के प्रेक्षक
- 21 नवंबर के बाद प्रत्याशियों को रखना होगा पाई-पाई हिसाब
कलेक्ट्रेट के कक्ष संख्या आठ में शनिवार को नामांकन पत्रों की जांच पड़ताल होती रही। उप चुनाव के लिए 14 लोगों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे। नामांकन के आखिरी दिन यानि शुक्रवार को सबसे अधिक 11 लोगों ने नामांकन कराया था। शनिवार को नामांकन पत्रों की जांच पड़ताल में तीन लोगों के नामांकन पत्र खारिज हो गए।
अब चुनाव मैदान में 11 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। हालांकि, मुकाबला सपा और भाजपा प्रत्याशियों के बीच है। क्योंकि,कांग्रेस और बसपा ने उप चुनाव से दूरी बना ली है जिसके चलते लकीर खींचकर उप चुनाव सपा और भाजपा के बीच है। सुहेल देव पार्टी के प्रत्याशी के अलावा अन्य सभी प्रत्याशी निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। देखना होगा कि 21 नवंबर को कितने लोग नाम वापसी करते हैं। फिलहाल 11 प्रत्याशी चुनाव मैदान में डटे हुए हैं। 21 नवंबर के बाद चुनाव प्रचार शुरू हो जाएगा, इसके बाद होने वाले हर खर्चे पर चुनाव आयोग की नजर रहेगी।
नेता जी को नहीं मिले प्रस्तावक, पर्चा खारिज
37-रामपुर विधानसभा उप चुनाव के लिए गिरवर सिंह ने बतौर निर्दलीय नामांकन कराया था। नामांकन के लिए प्रस्तावक के रूप में निर्धारित संख्या 10 के स्थान पर चार प्रस्तावाक थे जोकि, अपूर्ण थे। जिसके कारण गिरवर सिंह का नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया। गिरवर सिंह रिटायर शिक्षक हैं, वे कई दिन से अपने लिए प्रस्ताव तलाश रहे थे। कई स्थानों पर गए लेकिन प्रस्तावक नहीं मिलने की वजह से उनकी चुनाव लड़कर राजनीतिज्ञों के प्रति भड़ास निकालने की जिज्ञासा पूरी नहीं हो सकी।
शपथ पत्र के प्रत्येक पृष्ठ पर हस्ताक्षर करना भूल गए नेता जी, नामांकन निरस्त
उप चुनाव के लिए खुशरुद्दीन अंसारी ने बतौर निर्दलीय प्रत्याशी अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। जांच में पाया गया कि प्रारूप-26 नियम 4 क के तहत प्रस्तुत शपथ पत्र के प्रत्येक पृष्ठ पर प्रत्याशी द्वारा हस्ताक्षर नहीं किए गए। इसके अलावा प्रत्याशी द्वारा रामपुर से भिन्न निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता होने संबंधी कोई प्रमाणिक साक्ष्य संलग्न नहीं किया गया। जिसके कारण खुशरुद्दीन अंसारी का पर्चा खारिज कर दिया गया।
नामांकन के साथ प्रतिभूति जमा करना भूल गए नेता जी, पर्चा कैंसिल
निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नरेश कुमार सैनी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। जांच में पाया गया कि निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नाम निर्देशन पत्र के साथ प्रतिभूति जमा होने की प्रमाणित प्रति संगल्न नहीं है। अभ्यर्थी द्वारा जिस चालान की छाया प्रति की है। वह कार्यालय रिटर्निंग आफीसर 37-रामपुर विधानसभा उप निर्वाचन के कार्यालय से निर्गत नहीं होने के कारण और आरपीएक्ट 1951 के नियम-34 में उल्लिखित प्रावधानों के तहत नहीं होने के कारण नाम निर्देशन पत्र खारिज कर दिया गया।
उप चुनाव में यह प्रत्याशी ठोंक रहे ताल
क्रम संख्या- प्रत्याशी का नाम- पार्टी
01- आकाश सक्सेना- भाजपा
02- आसिम राजा- सपा
03- जयवीर सिंह- सुहेल देव भारतीय समाज पार्टी
04- प्यारे लाल- निर्दलीय
05- ऐजाज अहमद- निर्दलीय
06- संदीप सिंह- निर्दलीय
07- इम्तियाज उर रहमान खां- निर्दलीय
08- जुनैद खां- निर्दलीय
09- मोहम्मद इरफान खां- निर्दलीय
10- मोईन खां- निर्दलीय
11- शिव प्रसाद- निर्दलीय
37-रामपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से उप चुनाव के लिए 14 प्रत्याशियों ने नामांकन कराया था। जिनमें अलग-अलग कारणों से तीन अभ्यर्थियों का नामांकन अस्वीकार कर दिया गया है। आयोग द्वारा नियुक्त प्रेक्षकों की मौजूदगी में नामांकन पत्रों की जांच की गई। -हेम सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी
