काशीपुर: किसानों से बात करें सरकार-अधिकारी, वर्ना होगा आंदोलन: टिकैत

काशीपुर: किसानों से बात करें सरकार-अधिकारी, वर्ना होगा आंदोलन: टिकैत

काशीपुर, अमृत विचार। वर्षों से सीलिंग की जमीनों पर काबिज लोगों को भूमि खाली करने के लिए थमाए गए नोटिस से हड़कंप मचा हुआ है। भाकियू राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मुलाकात कर किसानों से बैठकर बात करें, ऐसा नहीं करने पर सरकार को आंदोलन की चेतावनी दी।

भाकियू राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने रविवार को ग्राम बरखेड़ा पांडेय पहुंचकर किसानों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने गांव के आधे दर्जन किसानों को जमीन व घर खाली करने के नोटिस दिए है। वह किसान पिछले करीब 55 साल से उस जमीन पर काबिज है।

जिस जमीन को सरकार किसानों से छीनना चाहती है। काशीपुर वही जगह है, जहां एस्कॉर्ट फार्म का मामला चला था। आज से करीब 15 साल पहले की सरकार को स्कॉर्ट फार्म की जमीन वापस करनी पड़ी थी। उसी तरह के बहुत से केसों की उत्तराखंड में दोबारा से शुरुआत हो रही है। सरकार सीधे जमीन छीनने का काम कर रही है। अगर किसान मुकदमा करते हैं, तो उसकी हार निश्चित है। सरकार की पॉलिसी किसानों की जमीन छीनने की है। क्या यह एक ही तरह के आर्डर पूरे देश में पास हो रहे हैं।

हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में तानाशाह रवैया जो चल रहा है, सरकार इसका संज्ञान लेकर इन मामलों को निपटाने का काम करें। उत्तराखंड में भी बहुत जगह मामले चल रहे हैं कि जमीन किसान के नाम नहीं हो पा रही है। किसान ने पैसे दे दिए, दाखिल खारिज हो गई, जमीन खरीद ली और फिर उसे छीनने का काम किया जा रहा है। सरकार या अधिकारी किसानों से बैठकर बात कर मामले को निपटाए। सरकार व अधिकारी संज्ञान लेकर जिन किसानों के पास वह जमीन हैं, उन्हें छोड़ने का काम करें।

पहले भी बहुत पॉलिसी तय हुई, जैसे एस्कॉर्ट फार्म में पॉलिसी तय हुई अगर कोई मामला हो तो सरकार उस तरह बैठकर समाधान करें, नहीं तो फिर यहां आंदोलन होंगे। बड़ी पंचायतें होंगी। भाकियू युवा प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह जीतू ने कहा कि बरखेड़ा पांडे में कई किसानों को नोटिस दिया है। आगामी सप्ताह में उसी जमीन पर एक पंचायत होगी। जिसमें उक्त किसानों को प्रशासन द्वारा अन्य व्यवस्था करने पर विचार विमर्श होगा। यदि प्रशासन जबरदस्ती करता तो आगामी रणनीति तय की जाएगी।

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