शाहजहांपुर: कोरोना काल में खांसी-जुकाम-बुखार के मरीज हुए गायब
शाहजहांपुर,अमृत विचार। मेडिकल कालेज में इधर से उधर भागते तीमारदार। अब यह नाजार दिखाई नहीं देता है। खांसी, जुकाम, बुखार में अस्पतालों की ओर दौड़ लगाने की परंपरा लगभग खत्म सी हो गई है। इन बीमारियों का इलाज लोगों ने घर पर ही खोज लिया है। कोरोना काल में पहले मेडिकल कालेज में ओपीडी और …
शाहजहांपुर,अमृत विचार। मेडिकल कालेज में इधर से उधर भागते तीमारदार। अब यह नाजार दिखाई नहीं देता है। खांसी, जुकाम, बुखार में अस्पतालों की ओर दौड़ लगाने की परंपरा लगभग खत्म सी हो गई है। इन बीमारियों का इलाज लोगों ने घर पर ही खोज लिया है।
कोरोना काल में पहले मेडिकल कालेज में ओपीडी और इमरजेंसी में मरीजों का तांता लगा रहता था। बारिश की सीजन शुरू होते ही वायरल बुखार फैलता था, दूसरे संक्रमक रोग भी होते थे। एक दिन में करीब एक हजार से भी अधिक मरीज मेडिकल कालेज पहुंचते थे। लगभग 100 मरीज भर्ती होते थे। जिले की सीएचसी पर भी भारी संख्या में मरीज पहुंचते थे। जिले में निजी अस्पतालों में भी भारी भीड़ जुटती थी। निजी पैथोलाॅजी पर अलग भीड़ रहती थी। कोरोना संक्रमण फैला तो अस्पताल, क्लीनिक, पेथोलाॅजी सब बंद हो गए।
गंभीर मरीज ही पहुंच रहे अस्पताल
महामारी से पहले इलाज आसानी से हो जाता था। बीमार होने पर डाॅक्टर असानी से मिल जाते थे। लोगों के पास डाॅक्टरों को दिखाने के विकल्प थे। इस समय ऐसा नहीं है। चुनिंदा अस्पताल ही इलाज कर रहे हैं। मरीजों को आला से देखने य छूने से डाक्टर बच रहे हैं। कोरोना की जांच के बिना मरीज को हाथ तक नहीं लगाया जा रहा है। छोटी मोटी बीमारियों के लिए लोग अस्पताल के चक्कर नहीं लगा रहे हैं।
दादी-नानी के नुस्खों का हो रहा इस्तेमाल
चार महीने में लोगों को बहुत कुछ सिखा दिया है। लोग पहले से समझदार हो गए हैं। डाक्टरों से फोन पर परामर्श लेने लगे हैं। दादी-नानी के नुस्खों का प्रयोग करने लगे हैं। आयुर्वेद और होम्योपेथी का चलन भी बढ़ गया है।
“हल्की फुल्की बीमारी में लोग पहले डाक्टरों, अस्पतालों तक भागते थे। जबकि यह काम अब टेली-मेडिसिन से बखूबी होने लगा है। आप सिर्फ डाक्टर को समस और लक्षण बताइए ईलाज तैयार है। यह सुविधा सरकारी है, यहां पैसे भी नहीं लगते हैं। अभी तक 4210 लोगों को फोन पर परामर्श दे चुके हैं। प्रति-दिन औसत 50 से 60 काॅल हमारे पास आई है।” -डाॅ. पूजा त्रिपाठी, पीआरओ, मेडिकल काॅलेज
