बरेली: संघटक महाविद्यालयों के छात्रों को छात्रवृत्ति दिलाने पर मंथन
बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने शासन के निर्देश पर 13 में से नौ राजकीय संघटक महाविद्यालयों में सत्र 2022-23 से प्रवेश लिए हैं और अब इनमें पढ़ाई भी शुरू हो रही है। कुछ दिनों पूर्व ही महाविद्यालयों में प्राचार्य व शिक्षकों की नियुक्ति भी हुई है।
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प्रथम सत्र में पढ़ने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति मिलने में दिक्कत हो रही है, क्योंकि उनके महाविद्यालय को अभी एआईएसएचई (ऑल इंडिया सर्वे ऑफ हायर एजुकेशन) का कोड नहीं मिला है। इस समस्या का हल निकालने के लिए प्रथम सत्र के छात्रों को विश्वविद्यालय परिसर में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग लखनऊ में भी पत्र लिखकर इस समस्या का हल निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
विश्वविद्यालय से संबद्ध इस सत्र से मीरापुर बांगर बिजनौर, हसनपुर अमरोहा, ढाका पुवायां व नवादा दरोबस्त कटरा शाहजहांपुर, फतेहउल्लागंज ठाकुरद्वारा मुरादाबाद, पूरनपुर पीलीभीत, भदपुरा नवाबगंज व रिछा बहेड़ी बरेली और सहसवान बदायूं के संघटक महाविद्यालयों में इस सत्र में प्रवेश हुए हैं। सबसे अधिक प्रवेश शाहजहांपुर के दोनों महाविद्यालयों में हुए हैं। कुछ महाविद्यालयों में काफी कम प्रवेश हुए हैं। संघटक महाविद्यालयों में कम संख्या में प्रवेश की वजह है कि इनका शुल्क अधिक है, जबकि निजी कॉलेज कम फीस पर ही प्रवेश ले रहे हैं।
सभी महाविद्यालयों में बीए, बीएससी, बीकॉम व एमए, एमएससी व एमकॉम के पाठ्यक्रमों में करीब एक हजार छात्रों ने प्रवेश लिए हैं। अब यह छात्र छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर रहे हैं तो उन्हें दिक्कत हो रही है। छात्रवृत्ति के आवेदन की तिथि वैसे तो 10 दिसंबर को निकल चुकी है लेकिन इसके बढ़ने की उम्मीद है। प्रथम सत्र के छात्रों को किसी भी तरह से छात्रवृत्ति मिल जाए, इसके लिए विश्वविद्यालय स्तर पर हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। कॉलेज को एआईएसएचई कोड मिलने में समय मिल सकता है, ऐसे में प्रवेशित छात्रों को विश्वविद्यालय परिसर में दिखाया जा सकता है, हालांकि अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
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