कानपुर में बस, टेंपो, ई-रिक्शा चालकों की अराजकता सफर पर पड़ रही भारी, जिम्मेदार अधिकारी बने मौन
कानपुर के कई चौराहों पर अराजकता भारी पड़ रही।
कानपुर में बस, टेंपो, ई-रिक्शा और ऑटो चालकों की अराजकता सफर पर भारी पड़ रही है। इसमें अधिकारी सब कुछ जानने के बाद भी अंजान बने हुए है।
कानपुर, अमृत विचार। सफर पर अराजकता भारी पड़ रही है, लेकिन देखने वाला कोई नहीं है। बस, टेंपो , ई-रिक्शा, ऑटो चालक जहां मन कर रहा है, वहां ब्रेक मारकर सवार भर रहे हैं। पीछे चाहे वाहन टकरार रहे हैं या फिर जाम लग जा रहा है, इनको कोई परवाह नहीं है। रविवार को अमृत विचार की टीम ने गोलचौराहे से आईआईटी मोड़ तक सफर किया, जिस पर हकीकत देखने को मिली।
आईआईटी मोड़ : नारामऊ की ओर से आते समय जब आप आईआईटी मोड़ के पास पहुंचते हैं तो, शहर के जाम लगना शुरू हो जाता है। यहां अमृत विचार की टीम को कई टेंपो सड़क घेरे हुए नजर आई। दूसरी लेन में ई-रिक्शा और मार्केट वालों के चौपहिया वाहन उल्टी दिशा में खड़े हुए थे।
आईआईटी क्रासिंग बंद होने के चलते यातायात रुक-रुक कर चल रहा था। जाम में फंसकर हार्न के शोर से भी अराजकता फैलाए टेंपो चालक आगे नहीं बढ़े। पूरे रूट पर दोनों ओर अतिक्रमण का संजाल फुटपाथ तक फैला था। ऐसा नहीं है कि जिम्मेदारों को जानकारी नहीं है, लेकिन वह कतई इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
बिठूर तिराहा : आईआईटी से आगे बढ़ने पर जब टीम बिठूर तिराहा पहुंची, तो वहां एक दर्जन से ज्यादा ऑटो चालक सड़क को घेरकर खड़े थे। आसपास से गुजरने वाले राहगीरों का चालक इंतजार कर रहे थे। सड़क के दोनों ओर ऑटो के साथ टेंपों भी खड़े थे। होमगार्ड केवल तमाशबीन बनकर जाम लगे होने का मजा ले रहे थे। आईआईटी से बिठूर जाने वाले इस मार्ग से गुजरने वाले सैकड़ों लोगों को जाम में फंसकर परेशान होना पड़ रहा था। दुकानों के सामने खड़ी करे ऑटो और टेंपो को आगे बढ़ा लेने की बात पर कहासुनी होती नजर आई। यह रूट अति व्यस्ततम कहा जाता है, इसके बावजूद अराजकता के आगे पुलिस पूरी तरह से नतमस्तक है। जिससे उन चालकों के हौंसले बुलंद हैं।
इंदिरा नगर मोड़ : सीन तीन-बिठूर तिराहे से जीटी रोड होते हुए इंदिरा नगर मोड़ से अंदर प्रवेश करने पर दर्जनों मोहल्ले में लोग पहुंचते हैं। मोड़ की शुरुआत पर ही अतिक्रमण का संजाल फैला हुआ है। जीटी रोड पर प्राइवेट और सरकारी बसें व ई बसें सड़क को घेरे हुईं थीं। लोडर, पिकप और ई-रिक्शा उल्टी दिशा में घुसे चले आ रहे थे। पूरे रूट पर ट्रैफिक धीरे धीरे रेंग रहा था। ऐसा नहीं है, कि यहां पर रविवार छुट्टी के दिन के कारण जाम लगा था, लेकिन यह यहां की सामान्य बात है। रोजाना इस रूट पर जाम में वैन और बसों में जाम लगा रहता है। होमगार्ड और पुलिस केवल हाथ में मोबाइल लेकर खड़े रहते हैं, लेकिन यातायात को सुचारु करने के लिए कोई कदम नहीं उठाते हैं।
भीषण जाम में फंसकर कराह रहे थे वाहन सवार
कल्याणपुर थाने से लेकर बिठूर मोड़ तक बस, टेंपो, ई-रिक्शा की अराजकता और अव्यवस्था के कारण भीषण जाम लगा हुआ मिला। जाम में फंसकर महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। कुछ वाहन सवार थाने के आगे से दाहिने मुड़ रहे थे, जिससे और भी जाम लगा हुआ था। वहीं कल्याणपुर क्रासिंग में जाने के लिए कुछ बाइक सवार बाएं मुंडते नजर आए। कुछ तो पुलिसकर्मी थाने जाने के लिए उल्टा ही वाहन के जाम में फंसे थे। कुछ दुकानदार तो ठेला लेकर ही उल्टा चौपहिया वाहन में घुस गए, जिससे और जाम बढ़ गया। करीब घंटेभर तक लोगों को जाम में फंसकर परेशान होना पड़ा।
गोलचौराहा तक रुक-रुककर चल रहा था यातायात
कल्याणपुर से आगे बढ़ने पर सीएसजेएमयू यूनिवर्सिटी के बाहर ई-रिक्शा व टेंपो सड़क पर खड़े थे। यूनिवर्सिटी के अंदर जाने वाले वाहन सवारों को देखकर गार्ड जाम लगवा रहे ई-रिक्शा व टेंपो को आगे बढ़ाते दिखे। इसके बाद रावतपुर चौराहे से लेकर शारदा नगर क्रासिंग तक जाम लगा हुआ था। सड़क के फुटपाथों पर लोगों की दुकानों का अतिक्रमण और बाइकें खड़ी हुईं थी। रुक-रुक यातायात चल रहा था। वहीं दूसरी ओर रावतपुर रेलवे स्टेशन के बाहर खड़ी रोडवेज और प्राइवेट बसे सड़क घेरे अराजकता फैला रहीं थीं। आगे बढ़ने पर रावतपुर क्रासिंग का गेट खुला हुआ था। ऑटो, ई-रिक्शा दोनो ओर पटरी पर ही खडे हुए जाम लगा रहे थे। इसके साथ ही गोलचौराहे पर अव्यवस्थित खड़े होकर बसे सवारियों को बैठा और उतार रहीं थी, इसके पीछे वाहन सवार हार्न देते नजर आए।
आठ क्रासिंग और सब्जी मंडी जाम का प्रमुख कारण
गोलचौराहे से लेकर आईआईटी तक जाम लगने का प्रमुख कारण इस मार्ग पर पड़ने वाली दस रेलवे क्रासिंग हैं। रावतपुर, कल्याणपुर, बिठूर मोड़ पर अव्यवस्थित लगने वाले ठेले और सब्जी दुकानदार पूरी तरह से अराजकता फैला रहे हैं। गोल चौराहे से लेकर आईआईटी तक का सफर में वैसे तो अमूमन 20 मिनट का समय लगता है। बस, ई-रिक्शा, आटो व टेंपो की अराजकता के कारण काफी समय लग रहा है।
