शाहजहांपुर: एमपी एमएलए कोर्ट में हाजिर हुए चिन्मयानंद, दाखिल की जमानत
16 जनवरी को होगी अगली सुनवाई, शिष्या से दुष्कर्म का मामला
शाहजहांपुर, अमृत विचार। दुष्कर्म के मामले में आरोपी पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री व मुमुक्षु आश्रम के अधिष्ठाता चिन्मयानंद ने शुक्रवार को एमपी एमएलए कोर्ट पहुंच कर जमानत दाखिल की। अगली सुनवाई की तारीख 16 जनवरी तय है।
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चिन्मयानंद शुक्रवार दोपहर बाद तीन बजे अपने वकील फिरोज हसन खां और मनेंद्र सिंह के साथ एमपी एमएलए कोर्ट पहुंचे और यहां उन्होंने हाईकोर्ट से 19 दिसंबर को मंजूर हुई अंतरिम जमानत दाखिल की, साथ में एक-एक लाख रुपये के दो जमानत प्रपत्र भी दाखिल किए।
बता दें कि एमपी एमएलए कोर्ट ने चिन्मयानंद की जमानत नामंजूर करते हुए फरार घोषित करने के साथ ही उन पर 82 की कार्रवाई की थी और इसका नोटिस चस्पा करने के निर्देश पुलिस को दिए थे। वहीं चिन्मयानंद ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल कर रखी थी, जिस 19 दिसंबर को सुनवाई के बाद उन्हें अंतरिम जमानत दे दी गई, जिसे शुक्रवार को उन्होंने अपने दो वकीलों के साथ शाहजहांपुर की एमपी एमएलए कोर्ट में दाखिल कर दिया।
यह है मामला
चिन्मयानंद के खिलाफ उनकी शिष्या द्वारा वर्ष 2011 में दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। मामले की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-तृतीय/एमपीएमएलए कोर्ट आशमा सुल्ताना कर रही हैं। मामले में चिन्मयानंद जेल जा चुके हैं। वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश सरकार ने केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की थी। इस पर पीड़िता ने आपत्ति जताई तो अदालत ने केस वापसी का प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया था। साथ ही जमानती वारंट भी जारी कर दिया था।
जिसके बाद में एमपी-एमएलए कोर्ट/एसीजेएम तृतीय ने अदालत में हाजिर न होने पर चिन्मयानंद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। मामले में चिन्मयानंद की अपील हाईकोर्ट ने भी खारिज कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट में जाने पर उनकी अपील खारिज करते हुए स्थानीय अदालत में 30 नवंबर तक हाजिर होने का आदेश दिया था, लेकिन चिन्मयानंद लगातार कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। इस पर उन्हें फरार घोषित कर दिया गया था।
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