74वां प्राकट्योत्सव: धूमधाम से निकली विराजमान रामलला की शोभायात्रा, यात्रा में संत-महंत हुए शामिल

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अमृत विचार, अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि में विराजमान रामलला के 74वें प्राकट्योत्सव के अवसर पर रविवार को भव्य शोभायात्रा पूरे नगर में निकाली गयी। हनुमानगढ़ी अखाड़े के निशान के साथ धूमधाम से निकाली गयी इस यात्रा मेंं संत-महंत भी शामिल हुए। 

यह शोभायात्रा रामजन्मभूमि सम्पर्क मार्ग से रामकोट की परिक्रमा पथ पर भ्रमण करते हुए अपने गंतव्य पर वापस हुई। इससे पहले रथ पर विराजित भगवान राम व उनके अनुजों के स्वरूपों के अलावा हनुमान जी के स्वरूप की श्रद्धालुओं ने आरती उतारी। इसके साथ तीन दिवसीय उत्सव के अवसर पर आयोजित विविध अनुष्ठानों की पूर्णाहुति भी हो गयी।

उधर, शोभायात्रा से पहले श्रीरामजन्मभूमि सेवा समिति के पदाधिकारियों ने रामजन्मभूमि जाकर रामलला के पुजारी से उन्हें सौंपा गया पूजित कलश व चित्रपट वापस प्राप्त किया। इसके साथ मंदिर में जाकर आराध्य का भी दर्शन-पूजन किया। पुनः वापस लौटकर कलश विसर्जन के बाद अपराह्न शोभायात्रा निकाली गयी। 

इस शोभायात्रा में महंत जयराम दास, महंत सत्येन्द्र दास वेदांती, महंत रामबालक दास, पुजारी रमेश दास, महंत शशिकांत दास, महंत गया प्रसाद दास, राजेन्द्र चौबे व अन्य शामिल थे। समिति संयोजक अच्युत शंकर शुक्ल ने संत-महंतों का स्वागत किया।

50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने रामलला का दर्शन किया रविवार के साप्ताहिक अवकाश के दिन के अलावा क्रिसमस डे के अवकाश के कारण लाखों श्रद्धालु धर्म-कर्म के लिए अयोध्या पहुंचे। यहां पहुंचे श्रद्धालुओं ने रामलला के प्राकट्य के अवसर पर रामजन्मभूमि परिसर में उनका दर्शन किया।

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र कार्यालय के प्रभारी प्रकाश कुमार गुप्त ने बताया कि सुबह व शाम की दोनों पालियों को मिलाकर 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किया। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के कारण रामलला के दर्शन की अवधि स्थाई रूप से बढ़ाई जा चुकी है। प्रथम पाली में प्रातः सात बजे से पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे एवं दूसरी पाली में अपराह्न दो बजे से सायं साढ़े सात बजे तक दर्शन की अवधि निर्धारित है।

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