गमगीन माहौल में हुआ पुष्पा का अंतिम संस्कार, Banda में दिल्ली जैसी घटना से सिहर उठे थे लोग

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Edited By Amrit Vichar
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बांदा में ट्रक की चपेट में आने से सहायक लिपिक की हुई थी मौत।

बांदा में गुरुवार को ट्रक की चपेट में आने से सहायक लिपिक की मौत हो गई। ट्रक चालक स्कूटी सवार क्लर्क को तीन किमी तक घसीटता ले गया। इधर, गुरुवार को हरदौली घाट विद्युत शवदाह में अंतिम संस्कार के बाद ससुर-देवर को अस्थियां सौंपी गईं।

बांदा, अमृत विचार। कृषि विश्वविद्यालय में तैनात सहायक लिपिक पुष्पा देवी के शव का अंतिम संस्कार गुरुवार को बेहद गमगीन माहौल में जिला प्रशासन और विश्वविद्यालय परिवार की मौजूदगी में हरदौली घाट स्थित विद्युत शवदाह गृह में हुआ। इसके बाद प्रशासन ने लखनऊ के मोहल्ला गोमती नगर से यहां आये मृतका के ससुर चंद्रेश्वर सिंह व देवर पंकज सिंह को अस्थियां सौंप दी। 

बताते चलें, लखनऊ के मोहल्ला गोमती नगर निवासी मृतका पुष्पा देवी यहां कृषि विश्वविद्यालय में सहायक लिपिक के पद पर वर्ष 2021 से तैनात थी। उनके पति रंजीत कुमार सिंह यहां सहायक लेखाधिकारी के पद पर कार्यरत थे, जिनकी 2020 में मृत्यु हो गई थी।

इसके बाद ही मृतका पुष्पा की यहां मृतकाश्रित कोटे में नियुक्ति हुई थी। बुधवार शाम जब वह अपनी स्कूटी से विश्वविद्यालय परिसर से बाहर निकलने के बाद किसी काम से जा रही थीं, तभी बस्ती जा रहे ट्रक की चपेट में आ जाने से वह स्कूटी समेत तकरीबन तीन किलोमीटर तक घिसटती चली गई थीं। बाद में घर्षण से ट्रक भी आग का गोला बन गया था। फायर ब्रिगेड की टीम को बमुश्किल आग पर काबू पाने में सफलता मिल पाई थी।

देर रात मृतका के शव का पंचायतनामा भरने के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया था। मृतका का मायका कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में है और माता-पिता भी अब इस दुनिया में नहीं हैं। मृतका अपने पीछे दो छोटे बच्चे छोड़ गई हैं, जिनकी उम्र क्रमश: दो और चार वर्ष है। पिता के बाद मां को भी खो देने से अब ये बच्चे अनाथ हो गये हैं। दोनों बच्चे अपने बाबा और दादी के पास लखनऊ के गोमती नगर स्थित अपने मकान में रहते हैं। अब वही उनकी परवरिश करेंगे।

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