बरेली: ऐसी सहूलियत दी... जांच के लिए अब भी जिला अस्पताल की दौड़ लगा रहे मरीज

बरेली: ऐसी सहूलियत दी... जांच के लिए अब भी जिला अस्पताल की दौड़ लगा रहे मरीज

बरेली, अमृत विचार। कुछ माह पहले डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने यहां दौरे पर आए थे, उन्होंने तीन सौ बेड अस्पताल का निरीक्षण किया था। उनके निर्देश पर अस्पताल में आननफानन में ओपीडी शुरू कर दी गई, मगर जरूरी संसाधन व स्टाफ की कमी को पूरा नहीं किया गया। कुतुबखाना पुल निर्माण शुरू होने के बाद कमिश्नर के आदेश पर जिला अस्पताल के कई विभागों को यहां शिफ्ट कर दिया गया। इससे मरीजों की संख्या बढ़ गई, जो संसाधन थे, वो भी कम पड़ गए। फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल समेत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी के कारण भी व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। दो माह से अस्पताल में जांच के लिए रिजेंट नहीं हैं। जांचों के लिए यहां आने वाले मरीजों को जिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ रही है, मगर विभागीय अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

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रोजाना 50 से 70 मरीज पैथोलॉजी लैब में जांच के लिए पहुंचते हैं, लेकिन खून, लीवर, गुर्दा समेत अन्य जांचों के लिए मरीजों को अभी जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है। पैथोलॉजी लैब में जांच में प्रयुक्त होने वाले रिजेंट की कमी हो गई है। हालांकि, लैब प्रभारी की ओर से रिजेंट उपलब्ध कराने को विभागीय अफसरों को पत्र लिखा जा चुका है। सोमवार को यहां 915 रिकॉर्ड ओपीडी हुई थी, मंगलवार को बारिश के चलते मरीजों की संख्या घटी, लेकिन 400 से अधिक मरीज फिर भी इलाज के लिए यहां पहुंचे। उधर, जिला अस्पताल में ओपीडी घटती जा रही है। पहले 1500 से 1700 मरीज रोजाना ओपीडी में आते थे, लेकिन ओपीडी शिफ्ट होने के बाद यह आंकड़ा 700 तक आ गया है।

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