मुशर्रफ एकमात्र पाकिस्तानी जनरल थे जिन्होंने ईमानदारी से की कश्मीर मुद्दे को सुलझाने की कोशिश : महबूबा

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श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने रविवार को कहा कि पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ एकमात्र पाकिस्तानी जनरल थे जिन्होंने ईमानदारी से कश्मीर मुद्दे को सुलझाने की कोशिश की थी। मुशर्रफ का रविवार को दुबई के एक अस्पताल में 79 साल की उम्र में निधन हो गया। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘गहरी संवेदना।

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वह एकमात्र पाकिस्तानी जनरल थे जिन्होंने कश्मीर मुद्दे को ईमानदारी से सुलझाने की कोशिश की थी। वह जम्मू-कश्मीर की जनता की इच्छा के अनुरूप ऐसा समाधान चाहते थे जो भारत और पाकिस्तान को स्वीकार्य हो। हालांकि, भारत सरकार ने उनके और (पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी) वाजपेयी द्वारा लिए गए सभी विश्वास बहाली के कदमों को उलट दिया है , केवल संघर्ष विराम बाकी है।’’

मुशर्रफ वर्ष 1999 में तख्तापलट कर सत्ता पर काबिज हुए थे और वर्ष 2001 से 2008 तक पाकिस्तान के राष्ट्रपति पद पर रहे। पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी ने अपनी किताब ‘नाइदर ए हॉक नॉर ए डव’ में दावा किया था कि भारत और पाकिस्तान वर्ष 2001 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मुशर्रफ के बीच हुए शिखर सम्मेलन के दौरान कश्मीर मुद्दे के समाधान के करीब पहुंच गए थे। 

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