बरेली : गर्भवती की गुहार...लोग मदद को आए आगे, प्रदेश भर से लोग साध रहे संपर्क
बरेली अमृत विचार। पेट में पल रहे बच्चे को गोद लेने व उसके बदले इलाज कराने की गुहार लगाने वाली गर्भवती की मदद के लिए लोग आगे आ रहे हैं। इनमें बहुत से लोग ऐसे हैं, जो बच्चे को गोद लेना चाहते हैं, हालांकि, अभी प्रसव नहीं हुआ है। प्रदेश भर से लोग बच्चे को गोद लेने के लिए अभी से ही जिला महिला अस्पताल के स्टाफ से संपर्क साध रहे हैं। फिलहाल, महिला की हालत स्थिर है।
मंगलवार को बिशारतंज क्षेत्र की वंदना नाम की महिला जिला अस्पताल में पहुंची थी। वह ओपीडी के बाहर रो रही थी। गुहार लगा रही थी कि कोई उसके पेट में पल रहा बच्चा गोद ले ले और उसका इलाज करा दे। वह बीमार है। उसका पति शराबी है। वह 7 माह की गर्भवती है। पहले से उसके दो बेटियां हैं। पति सारा पैसा शराब में उड़ा देता है। घर चलना मुश्किल है। ऐसे में उसका इलाज भी नहीं हो पा रहा है। बुधवार को जब मामला सुर्खियां बना तो सुबह से ही अस्पताल स्टाफ से प्रदेश भर के लोगों ने संपर्क किया। कोई गर्भवती के बच्चे को गोद लेने की बात कर रहा है तो कोई आर्थिक मदद के लिए हाथ बढ़ा रहा है। प्रशासनिक अधिकारी भी महिला की मदद के लिए आगे आए हैं।
अप्रैल में होना है प्रसव
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अलका शर्मा ने बताया कि महिला का प्रसव अप्रैल में होना है। महिला की सभी प्रकार की जरूरी जांचें करा दी गई हैं। स्टाफ पूरी तरह से महिला की देखभाल कर रहा है। जिला प्रोबेशन अधिकारी को इस बाबत सूचना भी दे दी गई है। उनकी टीम यहां महिला की जानकारी के लिए पहुंची थी।
नीता अहिरवार (जिला प्रोबेशन अधिकारी) ने बताया, जानकारी मिलते ही टीम को भेजा गया था। उसके पति से संपर्क किया गया है। पति की काउंसिलिंग कर उसे महिला को साथ रखने के लिए कहा जाएगा। महिलाओं के लिए जो भी शासन की योजनाएं हैं, उसका लाभ भी दिलाया जाएगा, जिससे महिला और उसके होने वाले बच्चे की देखभाल ठीक प्रकार से हो सके।
