अगर आप भी पांच घंटे से कम नींद लेते हैं तो ये खबर जरूर पढ़ लें

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

नई दिल्ली। प्रतिदिन रात में सात से आठ घंटे घंटे सोने वालों की तुलना में पांच घंटे से भी कम सोने वाले लोगों के लिए पैरों की तरफ जाने वाली धमनियों के सिकुड़ जाने या बंद हो जाने के रोग पीएडी का खतरा बढ़ जाता है। एक अध्ययन में यह बात सामने आयी है। अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि दुनिया में 20 करोड़ से अधिक लोगों को पीएडी है। इस बीमारी में हृदय से पैरों की ओर रक्त को ले जाने वाली धमनियां सिकुड़ जाती हैं या बंद हो जाती हैं जिससे रक्त प्रवाह बाधित होता है तथा हृदयाघात का खतरा बढ़ जाता है। 

इस अध्ययन के लेखक स्वीडेन के कैरालिंस्का इंस्टीट्यूट के शुआई युआन ने कहा,हमारा अध्ययन बताता है कि पीएडी का जोखिम घटाने के लिए सात से आठ घंटे सोना अच्छी आदत है। उन्होंने एक बयान में कहा, रात में अपर्याप्त नींद एवं दिन में झपकी लेने से हृदय धमनी रोग का जोखिम बढ़ जाता है तथा पीएडी जैसे बीमारी धमनियों के बंद हो जाने से होती है।

अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि सोने की समस्या पीएडी रोगियों की सबसे बड़ी शिकायतों में एक है तथा पीएडी पर सोने की आदत के असर के बारे में सीमित आंकड़े हैं तथा यह अध्ययन उसी अंतर को भरने का लक्ष्य है। यह अध्ययन यूरोपीय हर्ट जर्नल ओपेनमें प्रकाशित हुआ है तथा उसमें दो चरणों में 650,000 लोगों को शामिल किया गया था।

ये भी पढ़ें- एच3एन2 से बचकर रहें कोविड से जूझ चुके बुजुर्ग- डॉक्टर्स

टॉप न्यूज

कानपुर में लोन डिफॉल्ट पर एक्शन : बैंक ने लगाया लैदर फैक्ट्री पर ताला, बकाया न चुकाने पर लिया कब्जा
Barabanki News: श्रावण से पहले शिव मंदिरों की विद्युत सुरक्षा दुरुस्त करने के निर्देश, डीएम बोले- लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी
NEET विवाद: सरकार-CJP वार्ता के बाद बढ़ी उम्मीदें, सरकार ने मानी 3 में से 2 मांगे; क्या होगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा?
Gonda News:चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में महिला ने दिया बच्चे को जन्म
CJP Protest: सीजेपी-सरकार वार्ता खत्म, तीन प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखीं; धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर फैसला कल संभव