Kanpur News: एक क्लिक करने पर मरीज की बीमारी की मिलेगी जानकारी, एंबुलेंस कर्मी बनाएंगे मरीजों का हेल्थ अकाउंट
कानपुर में एंबुलेंस कर्मी मरीजों का हेल्थ अकाउंट बनाएंगे।
कानपुर में एंबुलेंस कर्मी मरीजों का हेल्थ अकाउंट बनाएंगे। एक क्लिक में मरीज की सभी बीमारी की जानकारी मिलेगी। एबीएचए स्वास्थ्य पहचान पत्र बनाने की योजना लागू हुई।
कानपुर, [विकास कुमार]। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत डिजिटल हेल्थ कार्ड यानी आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट योजना शुरू की गई है। योजना का फायदा उन लोगों को अधिक मिलेगा, जो बीमार रहते हैं। शासन के निर्देश पर एंबुलेंस सेवाओं का लाभ लेने वाले नागरिक एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मियों के माध्यम से एबीएचए स्वास्थ्य कार्ड बनवा सकते हैं। मिशन का उद्देश्य देश के एकीकृत डिजिटल स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे का समर्थन करने के लिए आवश्यक रीढ़ का विकास करना है।
स्वास्थ्य सेवा के अभिन्न अंग ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विस 108 व 102 स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (एबीएचए) स्वास्थ्य पहचान पत्र बनाने की योजना लागू की गई है। ईएमआरआई ग्रीन संस्था द्वारा मरीजों की देखभाल के बाद उनके लिए कार्ड तैयार बनाए जाएंगे। एंबुलेंस सहायक एबीएचए कार्ड बनाने में एक मरीज की सहायता करेंगे। इस कार्ड को सभी अस्पतालों से जोड़ा जाएगा और मरीज का चिकित्सीय विवरण डिजिटल रूप से उपलब्ध होगा। रोगी का पूरा विवरण मिलने पर डॉक्टर को भी इलाज करने में असानी होगी।
साथ ही एंबुलेंस कर्मियों को रोगी के सही स्थान को जानने की अनुमति देगा, जो मोबाइल एप के माध्यम से प्रदान होगा। 108 व 102 एंबुलेंस सेवा के जिला प्रोग्राम मैनेजर अंकित वर्मा ने बताया कि जिले में संचालित सभी एंबुलेंस कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अब तक करीब ढाई हजार से अधिक कार्ड बनाए जा चुके है। अपील है कि सभी मरीज अपना आधार कार्ड साथ में लाए। कुछ मरीजों के आधार कार्ड पुराने व क्यूआर से अटैच नहीं है, इस वजह से थोड़ी दिक्कत हो रही है।
डिजिटल कार्ड के फायदे
आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट का यह फायदा यह होगा कि मरीज की मेडिकल रिपोर्ट, दवाओं की पर्चियां, ब्लड ग्रुप की जानकारी, डॉक्टर की जानकारी आदि विवरण इस डिजिटल कार्ड में होगा। हादसा या जल्दबाजी में अस्पताल पहुंचने पर पुराने पर्चों की जरूरत नहीं होगी। कार्ड में ही मेडिकल रिकॉर्ड डिजिटल के तौर पर सुरक्षित रहेगा। मरीज कब बीमार हुआ, किस डॉक्टर को दिखाया या कौनसी जांचें करवाईं आदि जानकारी भी होगी।
ऐसे बनेगा कार्ड
यह कार्ड पूरी तरह से डिजिटल है। इस कार्ड को बनवाने के लिए एनडीएचएम हेल्थ रिकार्ड्स एप डाउनलोड करे या फिर इसकी अधिकारिक वेबसाइट पर जाए। कार्ड में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के समय आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस के जरिए जुड़ सकते हैं। इसके बाद डिजिटल कार्ड का लाभ मिलेगा।
