बरेली: डीजे पर नहीं बजा ‘गोली चल जावेगी’ गाना तो दरोगा ने तानी थी पिस्टल
बरेली, अमृत विचार। युगवीणा लाइब्रेरी परिसर में सिपाही की पार्टी में दरोगा की पिस्टल से गोली अचानक नहीं चली थी। वहां पर दरोगा का डीजे वाले से गाना बजाने को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद दरोगा ने डीजे वाले पर पिस्टल तान दी। इस पर दोनों में धक्का मुक्की हुई और फिर दरोगा की …
बरेली, अमृत विचार। युगवीणा लाइब्रेरी परिसर में सिपाही की पार्टी में दरोगा की पिस्टल से गोली अचानक नहीं चली थी। वहां पर दरोगा का डीजे वाले से गाना बजाने को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद दरोगा ने डीजे वाले पर पिस्टल तान दी। इस पर दोनों में धक्का मुक्की हुई और फिर दरोगा की पिस्टल से निकली गोली उन्हीं की पीठ में लग गई। इसके बाद दरोगा ने थाने में जमकर हंगामा किया और गमले तोड़ दिए। कैंट पुलिस ने इस मामले में दरोगा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
सोमवार की रात सदर कैंट स्थित युगवीणा लाइब्रेरी परिसर में कैंट थाने में तैनात सिपाही अश्वनी के जन्मदिन की पार्टी चल रही थी। इंस्पेक्टर समेत थाने में तैनात लगभग पूरा स्टाफ पार्टी में शामिल हुआ था। रात में डीजे पर गाना बजाने को लेकर दरोगा संजय सिंह का डीजे बजाने वाले एक लड़के से विवाद हो गया।
संजय सिंह कह रहे थे कि गोली चल जावेगी वाला गाना बजाओ लेकिन उसने किसी और की डिमांड पर दूसरा गाना बजा दिया। इस बात से संजय सिंह नाराज हो गए और लड़के को धमकाने के लिए कमर में लगी सरकारी पिस्टल को उस पर तान दिया। यह देखकर डीजे वाले और उनमें धक्का मुक्की हो गई। शोर-शराबा पर वहां और लोग भी जुट गए।
इस बीच दरोगा की पिस्टल से ही गोली निकली और उनकी पीठ में लग गई। इसकी जानकारी होने पर पार्टी में हंगामा मच गया। इसके बाद पुलिस उन्हें कैंट थाने ले गई। जहां पर दरोगा ने जमकर हंगामा काटा। इंस्पेक्टर के लिए अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया। थाने में रखे गमलों को तोड़ दिया। पुलिसकर्मियों के साथ ही गाली गलौज किया। इंस्पेक्टर की तरफ से दरोगा संजय सिंह के खिलाफ उन्हीं के थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
मुकदमा दर्ज होने के बाद दरोगा निलंबित
कैंट इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी दरोगा संजय सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। इसके बाद एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने उन्हें मंगलवार शाम को निलंबित कर दिया। एसएसपी का कहना है कि इस तरह से अगर कोई अन्य पुलिसकर्मी शराब पीकर हंगामा करता दिखा तो उसके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
कानूनी कार्रवाई दिखावा, बच गए पुलिसकर्मी
दरोगा संजय सिंह पर कार्रवाई सिर्फ नाम मात्र को हुई है। इसमें पार्टी में गोली चलने और दरोगा के लगने के बीच क्या हुआ इसका कोई जिक्र नहीं किया गया है। अगर पार्टी हुई तो वहां मौजूद सब पुलिसकर्मियों के खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करना चाहिए था।
“दरोगा गोली लगने के बाद थाने में आया था। उसने वहां पर जमकर हंगामा किया पुलिसकर्मियों के साथ गालीगलौज की और सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया। उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।” -धर्मेंद्र सिंह, इंस्पेक्टर कैंट
