लखनऊ : महीनों इंतजार के बाद नर्सिंग संवर्ग के कर्मियों को मिली तैनाती, राजकीय नर्सेस संघ ने उठाया सवाल
लखनऊ, अमृत विचार। करीब 6 महीने से तैनाती की राह देख रहे नर्सिंग संवर्ग के 38 कर्मियों को सोमवार को तैनाती दे दी गई। इस तैनाती के बाद राजकीय नर्सेज संघ ने स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों पर सवाल उठाया है। राजकीय नर्सेस संघ के महामंत्री अशोक कुमार ने कहा है कि 6 महीने तक तैनाती के इंतजार में बैठे नर्सिंग संवर्ग के कर्मियों को अभी तक वेतन नहीं मिल पाया है। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने कहा कि कई कर्मियों को उधार लेकर अपने बीमार परिजनों का इलाज तक कराना पड़ा है।
दरअसल, डॉ.राम मनोहर लोहिया संस्थान समेत देवरिया, सिद्धार्थनगर, गाजीपुर, अयोध्या, समेत कई जनपदों में जिला चिकित्सालय को उच्चीकृत कर मेडिकल कालेज बनाया गया है। जिसके कारण कई स्वास्थ्य कर्मियों को हटाकर महानिदेशालय भेज दिया गया था। सोमवार को उन्हीं मे से करीब 38 नर्सिंग संवर्ग के कर्मियों को तैनाती मिली है। इस पर राजकीय नर्सेस संघ के महामंत्री अशोक कुमार ने कहा है कि लगभग 30 साल के अनुभवी नर्सिंग संवर्ग के कर्मियों को आखिर आज जारी आदेश से समायोजित करने से न्याय मिल सका।
उन्होंने कहा कि इन नर्सों को हटाकर लोहिया संस्थान समेत अन्य मेडिकल कॉलेजों में एजेंसी के माध्यम से नर्सेस को भर्ती किया गया है। जबकि अनुभवी कर्मी लगभग 6 महीने से स्वास्थ्य भवन में प्रतिदिन आकर केवल हस्ताक्षर कर अपनी अपनी सेवाएं दे रहे थे। इनसे कोई काम नहीं लिया जा रहा था। इतना ही नहीं इनमें से अभी तक किसी को वेतन का भी भुगतान नहीं हुआ , लगभग इतने दिनों तक चिकित्सीय कार्य न करने के कारण चिकित्सालय में चिकित्सा सेवाएं अवश्य बाधित हुई होंगी, यदि ऐसा करना ही था तो इतने अनुभवी नर्सिंग संवर्ग के लोगों को क्यों हटाना पड़ा । जबकि उनके स्थान पर ठेके के माध्यम से नर्सेज कर्मियों को रखा गया।
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