लखनऊ : कर्मचारियों और शिक्षकों का कल होने वाला धरना स्थगित, जानें वजह
लखनऊ, अमृत विचार। कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने कल यानी की 11 अप्रैल को होने वाले प्रदेश व्यापी धरना प्रदर्शन को स्थगित कर दिया है। कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा की तरफ से यह फैसला निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद लिया गया है। जिससे आदर्श आचार संहिता का उल्लघंन न हो। बताया जा रहा है कि 11 अप्रैल को होने वाला धरना 18 मई को कर्मचारी करेंगे।
दरअसल, बीते दिनों कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि 11 अप्रैल को देश भर के लाखों कर्मचारी जनपदों में धरना प्रदर्शन करके प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजेंगे। उत्तर प्रदेश में भी 75 जनपदों में कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा द्वारा धरना प्रदर्शन करके मुख्यमंत्री के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित करने की बात हुई थी,लेकिन नगर निकाय चुनाव की वजह से यूपी में धरना प्रदर्शन स्थगित कर दिया गया है। यह फैसला कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा की बैठक में सोमवार को लिया गया है।
कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा की बैठक आज नगर निगम कार्यालय में हुई। बैठक में मोर्चे के महासचिव शशि मिश्रा, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष सुरेश रावत, महामंत्री अतुल मिश्रा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश मिश्रा प्रमुख उपाध्यक्ष , चेयरमैन संघर्ष समिति व डीपीए के अध्यक्ष संदीप बडोला, महामंत्री उमेश मिश्रा ,प्राथमिक शिक्षक संघ यूपी के अध्यक्ष सुशील पांडेय ,राजकीय निगम महासंघ के अध्यक्ष मनोज, महामंत्री घनश्याम , वन विभाग फ़ेडरेशन के महासचिव आशीष व मिनिस्टिरियल संघ के अध्यक्ष राम नरेश यादव एवं फार्मेसिस्ट फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव उपस्थित रहे ।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने बताया कि पुनः आन्दोलन की तारीख घोषित कर दी गई है, 18 मई को चुनाव आचार सहिंता खत्म होने पर पूर्ववत आन्दोलन किया जायेगा, जिसकी नोटिस प्रदेश सरकार व शासन को प्रेषित की जा रही है ।
हालांकि देश के अन्य राज्यों में इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाई फेडरेशन ( IPSEF) के आह्वान पर 4 सूत्रीय मांग के समर्थन में धरना यथावत रहेगा । यानी की अन्य राज्यों में धरना होगा। इंडियन पब्लिक सर्विस इंप्लाई फेडरेशन (Indian public service employees Federation) के अध्यक्ष बीपी मिश्रा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में भी सभी जनपदों से प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा ।
प्रमुख मांगे
- पुरानी पेंशन की बहाली
- सरकारी संस्थानों में निजीकरण न किया जाए।
- आउटसोर्सिंग /संविदा /वर्कचार्ज कर्मचारियों के नियमितीकरण सेवा सुरक्षा की नीति बनाई जाए।
- राष्ट्रीय वेतन आयोग का गठन किया जाए।
- कर्मचारी संवर्गों के वेतन विसंगतियां ,कैडर पुनर्गठन ,सेवा नियमावली का प्रख्यापन। घाटे में चल रहे निगम कर्मचारियों को महंगाई भत्ता एवं अन्य लाभ समान रूप से दिया जाए।
- बिजली कर्मचारियों का उत्पीड़न समाप्त किया जाए समझौतों को लागू किया जाए।
यह भी पढ़ें : लखनऊ : अखिलेश यादव से मिले सारस के दोस्त आरिफ, शायराना अंदाज में सपा मुखिया ने सरकार पर कसा तंज
