पीलीभीत का एक ऐसा गांव जहां दैवीय आपदा ने सात दिन में राख कर दिए दो दर्जन घर, जानिए क्या बोले ग्रामीण

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत/दियोरिया, अमृत विचार। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में संदिग्ध परिस्थितियों आधे दर्जन लोगों के छप्परपोश मकान व पशुशालाएं जल कर राख हो गईं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में दैवीय आपदा आ गई है। जिसके बाद से रोज आगजनी के हादसे हो रहे हैं। ग्रामीण भी बहुत भयभीत हैं। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को सांत्वना दी।

कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बरखेड़ा चतुरहा में गत तीन अप्रैल से अजीबो-गरीब घटनाएं हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रोज ही छप्परों और बटेरों में अचानक आग लग रही है। क्यों लग रही है? कैसे लग रही है? इसके बारे में कुछ पता नहीं ही चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कोई दैवीय आपदा आ गई है। इस वजह से हादसे हो रहे हैं। 

दैवीय आपदा को शांत करवाने के लिए गांव में सोमवार को सूखा ताल के समीप शंकर जी के मन्दिर पर जाकर सामूहिक रूप से शंकर जी की आराधना कर कन्या भोज का आयोजन किया गया। लेकिन इसके बाद भी आगजनी की घटनाएं नहीं थमी। मंगलवार को भी छह-सात जगह अचानक आग लग गई। जिसे ग्रामीणों ने बमुश्किल बुझाया। अब तक दो दर्जन से अधिक ग्रामीणों का लाखों का नुकसान हो चुका है। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी घटना के बाद से भयभीय हो गए हैं।

गांव में तीन अप्रैल से अचानक आग लग रही है। आग लगने का कारण किसी को नहीं पता है। अब तक लगभग दो दर्जन घरों में आग लग चुकी है। लेखपाल मौका मुआयना करके गए थे। आग का कारण वह भी पता नहीं लगा सके। गांव में कोई दैवीय आपदा आग गई है। - राजेंद्र प्रसाद, प्रधान।

पिछले सात दिनों से गांव में आगजनी की घटनाएं हो रही हैं। लेकिन छप्परों में आग क्यों लग रही है इस बारे में जांच की जा रही है। अभी तक आग लगने का कारण पता नहीं चल पाया है। पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया है। कोई जनहानि नहीं हुई है। - जवाहर लाल वर्मा, प्रभारी निरीक्षक, दियोरिया थाना।

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