लखनऊ : आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन निर्धारण समेत अन्य मांगों को लेकर मंत्री राकेश सचान से मिले संविदा कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। प्रदेश के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों, राजकीय अस्पतालों में आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे कर्मचारियों के वेतन निर्धारण और अवकाश समेत अन्य मांगों को लेकर संविदा कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने एमएसएमई (लघु सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम) मंत्री राकेश सचान से मुलाकात की। इस दौरान संविदा कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने मंत्री को आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया है।

दरअसल, साल 2020 में 25 अगस्त को प्रदेश में आउटसोर्स व्यवस्था के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश शासन की तरफ से जारी किया गया था। इसी के तहत सेवायोजन से आउटसोर्सिंग की नियुक्ति की जा रही है । इस शासनादेश में अनुबंध प्रक्रिया तथा कर्मचारियों की नियुक्ति, सेवा जारी रखना सहित विभिन्न बिंदुओं को शामिल किया गया था, लेकिन पद के अनुसार कर्मचारियों का वेतनमान तथा प्रतिवर्ष वेतन बढ़ोत्तरी निर्धारित नहीं किया गया था जिस कारण से कर्मचारियों को आज भी न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है और कई वर्ष से कोई वेतन बढ़ोत्तरी नही हुई । नर्सिंग पैरामेडिकल तथा कई टेक्निकल पदो के कर्मचारी भी कार्यरत है,जिनको प्रदेश में बहुत ही कम वेतन वह भी अलग- अलग वेतनमान के साथ मिल रहा है।
          
इतना ही नहीं कर्मचारियों को बीमार होने पर चिकित्सकीय अवकाश तथा महिला कर्मियों को प्रसूति अवकाश नहीं मिल रहा, इस कारणों के चलते छुट्टी पर जाने पर कर्मचारियों को कार्यमुक्त कर दिया जाता है । संविदा कर्मचारी संघ के महामंत्री सच्चिता नन्द मिश्रा तथा उपाध्यक्ष विकास तिवारी ने मंत्री राकेश सचान से मिलकर बताया कि लघु सूक्ष्म उद्यम मध्यम विभाग द्वारा जो नियम जारी किए गए है उसमे कर्मचारियों का पदानुसार वेतन निर्धारण , चिकित्सकीय , आकस्मिक तथा प्रसूति अवकाश आदि शामिल किया जाये, जिससे लाखो कर्मचारी लाभान्वित हो सके । इस दौरान मंत्री राकेश सचान ने इस मामले में अपर मुख्य सचिव लघु सूक्ष्म मध्यम उद्यम विभाग को कार्यवाही के निर्देश दिए है। 

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