लखनऊ : शहर के पांच अस्पतालों में लगेगा ताला
स्वास्थ्य विभाग की जांच में मानकों की अनदेखी करने की हुई थी पुष्टि
लखनऊ, अमृत विचार। राजधानी के पांच अस्पतालों का संचालन बंद कराया जाएगा। इन अस्पतालों को बंद कराने की संस्तुति स्वास्थ्य विभाग ने की है। यह वही अस्पताल है, जिनमें बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी की थी। जहां तमाम खांमिया मिली थीं। स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पतालों पर नकेल कसने की बजाए करीब एक माह से नोटिस-नोटिस का खेल रहा था।
करीब 31 अस्पतालों को सीएमओ आफिस से नोटिस जारी हुई थी। इसमें तीन से चार अस्पतालों ने अपना जवाब भेजा। बाकी अस्पताल नोटिस का जवाब दिए बिना अस्पताल का संचालन कर रहे थे। जांच के दौरान कहीं पर डॉक्टर नहीं तो कही लैब टेक्नीशियन इलाज करते हुए मिला था। इतना ही नहीं जांच में कई अस्पताल का पंजीकरण तक नहीं मिला था। सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल ने बताया पहले चरण में मेडसिटी हॉस्पिटल, सुपर जनता हॉस्पिटल, आरएनए हॉस्पिटल, मर्सी अस्पताल और मैनकाइंड अस्पताल को बंद करने की संस्तुति किया है। सीएमओ के मुताबिक इन अस्पतालों के संचालन पर रोक लगाने के लिए पत्र भेजा जा रहा है। अस्पताल बंद न होने पर जिला प्रशासन की मदद से ताला लगवाया जाएगा।
इन अस्पतालों को दे रखी है छूट
दुबग्गा स्थित न्यू ग्लोबल हॉस्पिटल का अभी तक सीएमओ आफिस में पंजीकरण तक नहीं है। इसके बाद यहां पर मरीज भर्ती हो रहे थे। अस्पताल संचालक का बीते दिनों आडियो वॉयरल हुआ था। जिसमें वह मरीज अपने यहां भर्ती किए जाने के लिए बुला रहा था। मामला सोशल मीडिया पर वॉयरल होने बाद अस्पताल संचालक ने अपने यहां मरीज भर्ती लेना बंद कर दिया। सीएमओ जरिए अभी तक इस अस्पताल पर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। इसके अलावा गुडम्बा का सुरक्षा अस्पताल एवं ट्रॉमा सेंटर भी जांच में बिना पंजीकरण के संचालित होते मिला था। लेकिन स्वास्थ्य विभाग आज तक कार्रवाई नहीं कर सका है। हालांकि सीएमओ का कहना है कि सुरक्षा अस्पताल की ओर से पंजीकरण के लिए आवेदन किया गया है।
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