बरेली: कर वसूलने में लापरवाही, मिली ‘सी’ और ‘डी’ श्रेणी

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बरेली,अमृत विचार। कोरोना काल में कोविड कार्यों को छोड़कर अन्य सभी काम से जिम्मेदारों ने पल्ला झाड़ लिया है। इसकी वजह से सरकारी खजाने से लेकर फरियादियों की समस्याओं के निस्तारण तक का ग्राफ पीछे खिसकता चला गया। समीक्षा होने पर बरेली की स्थिति बेहद खराब निकली। कर वसूली में बरेली को सी और डी …

बरेली,अमृत विचार। कोरोना काल में कोविड कार्यों को छोड़कर अन्य सभी काम से जिम्मेदारों ने पल्ला झाड़ लिया है। इसकी वजह से सरकारी खजाने से लेकर फरियादियों की समस्याओं के निस्तारण तक का ग्राफ पीछे खिसकता चला गया। समीक्षा होने पर बरेली की स्थिति बेहद खराब निकली। कर वसूली में बरेली को सी और डी श्रेणी मिली। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई।

कर वसूली में सुधार की गुंजाइश के लिए डीएम नितीश कुमार ने एडीएम वित्त मनोज कुमार पांडेय और एडीएम प्रशासन वीके सिंह को समीक्षा के बाद रिपोर्ट भेजी। उसमें जीएसटी संग्रह और समाधान दिवस में आने वाले प्रकरणों के निस्तारण में बरेली की स्थिति खराब थी। दोनों मदों को ‘डी’ श्रेणी में रखा गया है। जबकि स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन और परिवहन से होने वाली प्राप्ति में रैकिंग ‘सी’ है। डीएम ने जिम्मेदारों का स्पष्टीकरण तलब करने के लिए एडीएम वित्त और एडीएम प्रशासन को निर्देश दिए हैं।

जिम्मेदारी निश्चित होगी, आख्या भेजी जाएगी
डीएम नितीश कुमार ने नाराजगी जाहिर करते हुए चिट्ठी भेजकर पूछा कि आखिर लापरवाही के लिए किसका उत्तरादायित्व निर्धारित किया गया। जिम्मेदारों से स्पष्टीकरण लेने के बाद आख्या तलब की है।

प्रदेश में रैंकिंग पर पड़ता है असर
दिसंबर तक कर एवं करेत्तर राजस्व संग्रह में स्थिति सुधार होगा। तभी प्रदेश में बनने वाली जिलों की रैंकिंग में बरेली को बेहतर जगह मिल सकेगी। 18 अगस्त को विकास और निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान यह स्थिति सामने आई है।

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