बरेली: स्वास्थ्य विभाग के पांच कर्मचारियों समेत 128 कोरोना पॉजिटिव
बरेली,अमृत विचार। मंगलवार को जिले में 128 कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए। इनमें से पांच स्वास्थ्य कर्मचारी, चार रेल कर्मचारी और एक पुलिसकर्मी भी शामिल है। पुलिसकर्मी फरीदपुर के पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय में कार्यरत है। स्वास्थ्य कर्मी जिले के सीएचसी और पीएचसी में कार्यरत हैं। वहीं, संक्रमण से कोई मौत न होने से स्वास्थ्य …
बरेली,अमृत विचार। मंगलवार को जिले में 128 कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए। इनमें से पांच स्वास्थ्य कर्मचारी, चार रेल कर्मचारी और एक पुलिसकर्मी भी शामिल है। पुलिसकर्मी फरीदपुर के पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय में कार्यरत है। स्वास्थ्य कर्मी जिले के सीएचसी और पीएचसी में कार्यरत हैं। वहीं, संक्रमण से कोई मौत न होने से स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली।
इन इलाकों के लोगों में हुई संक्रमण की पुष्टि
शहर के बांके की छावनी में 10, मीरा की पैठ में पांच, भोजीपुरा में पांच, सुभाष नगर इलाके में चार, केसरपुर में चार, डेलापीर की अवध विहार कॉलोनी में तीन, किला थाना क्षेत्र के इंग्लिश गंज में दो, करगैना बीडीए कॉलोनी में चार, रामपुर गार्डन में दो, प्रभातनगर में दो, किटौना में तीन, फरीदपुर में दो, सितारगंज, किच्छा में दो-दो, जनकपुरी में एक, भूरे खां की गौटिया में एक, फतेहगंज पूर्वी के उत्तमनगर, क्योलड़िया में एक-एक, मढ़ीनाथ, रोड नंबर सात में एक-एक, मीरगंज के नंदगांव, ठिरिया निजावंत खां का एक-एक, सब्जी मंडी हरुनगला, पुराना शहर में एक-एक व्यक्ति में संक्रमण पाया गया है।
मॉल्यूक्यूलर लैब एसआरएमएस से 13 लोगों में संक्रमण की पुष्टि
आईवीआरआई के अलावा शहर की कई निजी पैथ लैब से भी कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो रही है। इसमें से सबसे ज्यादा एसआरएमएस की मॉल्यूक्यूलर पैथ लैब से हुई है। मंगलवार को इस लैब से कुल 13 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। वहीं, लाल पैथ लैब से 11 और फोकस लैब से महज दो लोगों में ही कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।
फतेहगंज पश्चिमी का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दो दिनों के लिए बंद
फतेहगंज पश्चिमी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का वार्ड बॉय कोरोना एंटीजन टेस्ट में पॉजिटिव पाया गया है। आनन फानन में केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने अस्पताल को 24 घंटे के लिए सील कर दिया है। प्रभारी चिकित्साधिकारी का कहना है कि इन 24 घंटों में अस्पताल को पूरी तरह से कई बार सैनेटाइज किया जाएगा, जिससे संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके। साथ ही वार्ड बॉय के संपर्क में आने वाले सभी लोगों को भी टेस्ट कराया जाएगा।
