प्रयागराज : श्रीकृष्ण जन्मभूमि एवं शाही ईदगाह से जुड़े मामलों की सुनवाई अब एक साथ होगी हाईकोर्ट में

Amrit Vichar Network
Published By Pradumn Upadhyay
On

अमृत विचार, प्रयागराज । मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि- शाही ईदगाह मस्जिद विवाद से जुड़े सभी लंबित मुकदमों को हाईकोर्ट ट्रांसफर करने की मांग को लेकर दाखिल याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंजूर कर ली है, साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया कि अब मथुरा अदालत के समक्ष लंबित सभी मुकदमों की सुनवाई हाईकोर्ट में होगी। इस संबंध में जिला जज, मथुरा को निर्देश दिया गया है कि वे समान प्रकृति के ऐसे सभी मामलों की सूची तैयार करें, जिसमें विषय वस्तु एक ही है।

स्पष्ट रूप से एक निहितार्थ वाले ऐसे सभी मामलों का विवरण रिकॉर्ड के साथ 2 सप्ताह के भीतर हाईकोर्ट को विधिवत रूप से अग्रेषित किया जाए। इसके साथ ही अदालत ने मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया कि इस तरह के मुकदमों के ट्रायल और निपटान के लिए एक उपयुक्त पीठ को नामित किया जाए। मालूम हो कि इस याचिका पर 3 मई को भी हाईकोर्ट में सुनवाई हुई थी। उस समय कोर्ट ने याचिका की मंजूरी पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। यह आदेश न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्रा (प्रथम) की एकलपीठ ने श्रीकृष्ण विराजमान और 7 अन्य द्वारा दाखिल स्थानांतरण आवेदन को अनुमति देते हुए दिया है।

दरअसल श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद विवाद को लेकर कुल 13 केस चल रहे हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता हरि शंकर जैन, एडवोकेट विष्णु शंकर जैन, प्रभाष पांडेय और प्रदीप कुमार शर्मा के माध्यम से दायर ट्रांसफर याचिका में कहा गया था कि मामले में शामिल मुद्दे भगवान कृष्ण के करोड़ों भक्तों से संबंधित हैं। यह मामला राष्ट्रीय महत्व का है, इसलिए सभी मामलों को एक अदालत में ही ट्रायल के लिए ट्रांसफर किया जाए। इसके अलावा यह भी तर्क दिया गया कि कानून के पर्याप्त प्रश्न और भारत के संविधान की व्याख्या से संबंधित कई प्रश्न हैं, जो मथुरा न्यायालय के समक्ष लंबित मुकदमों में शामिल हैं, उन्हें हाईकोर्ट द्वारा आसानी से तय किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट शाश्वत आनंद के अनुसार सीपीसी की धारा 24(1)(बी) में व्यवस्था है कि अगर कोई मुद्दा राष्ट्रीय महत्व का है तो हाईकोर्ट में उसका ट्रायल हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता और मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद को लेकर पहली याचिका दाखिल करने वाले हरि शंकर जैन का कहना है कि हाईकोर्ट का यह आदेश काफी महत्वपूर्ण है।इसमें श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर जो विवादित ढांचा है, उसे हटाने की प्रार्थना की थी। यह दावा पहले खारिज हुआ। बाद में जिला जज और फिर हाईकोर्ट ने उसे स्वीकार कर लिया।

ये भी पढ़ें - लखनऊ : सूडान से आने वाले यात्री होंगे क्वॉरंटीन

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज

IPL 2026: आईपीएल के आसमान पर चमकने की प्रतीक्षा में लखनऊ के दो सितारे, लीग मुकाबलों में मचा चुके हैं तबाही
अयोध्या में प्राचीन अवशेषों को सहेजने के लिए लैब तैयार, पांडुलिपियों और ताम्रपत्रों का आधुनिक तकनीक से होगा संरक्षण
लखनऊ में पुलिसकर्मियों के लिए योग और ध्यान से बढ़ेगी कार्यक्षमता, ड्यूटी के तनाव को दूर करने के लिए विशेषज्ञों ने दिए खास टिप्स
यूपी में ट्रिपल आर सेंटर बन गए शो-पीस, स्वच्छ सर्वेक्षण के समय खुलते हैं फिर पूरे साल बंद रहते हैं सेंटर
यूपी में नेपियर की खेती से खत्म होगा हरा चारा संकट, किसानों ने अपनाई नई तकनीक, एक बार बोआई और 3 साल तक मुनाफा