बरेली: नई शिक्षा नीति का ढिंढोरा है... फिलहाल चल सब पुराना ही रहा है
नई नीति में मनचाहे विषय चुनने का आजादी मगर स्ट्रीम ही चुन रहे हैं विद्यार्थी
बरेली, अमृत विचार। इसी शैक्षिक सत्र में माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में नई शिक्षा नीति के तहत हुए बदलाव लागू किए जाने का एलान हो चुका है लेकिन नई शिक्षा नीति में क्या बदलाव हुए हैं, यह न विद्यार्थियों को पता है न अभिभावकों को। स्कूलों में भी इस पर चुप्पी छाई हुई है। इस कारण विद्यार्थियों में विषयों के चुनाव को लेकर असमंजस के हालात बने हुए हैं। प्रधानाचार्यों का भी कहना है कि विभाग ने अभी कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए हैं। नतीजा यह है कि विद्यार्थी पुरानी व्यवस्था के मुताबिक ही विषयों का चयन कर रहे हैं।
नई शिक्षा नीति से स्ट्रीम चुनने के विकल्प को हटा दिया गया है। इसकी जगह बहु विषयक व्यवस्था लागू करने की तैयारी चल रही है। कहा जा रहा है कि विद्यार्थी स्ट्रीम के बजाय अपनी दिलचस्पी के मुताबिक विषयों का चयन करेंगे। यह घोषणा विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों को भी परेशान कर रही है। दरअसल, अब तक कुछ स्पष्ट नहीं हुआ है कि नई शिक्षा नीति में क्या-क्या नए बदलाव किए गए हैं और पुरानी व्यवस्था का क्या शेष रह गया है।
ज्यादातर स्कूलों में नई शिक्षा नीति के बारे में कोई बात ही नहीं की जा रही है। न ही शिक्षा विभाग या स्कूलों की ओर से कोई कार्यशाला या जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। फिलहाल विद्यार्थी पारंपरिक व्यवस्था के मुताबिक ही मनचाहे विकल्प चुन रहे है। कई स्कूलों के प्रधानाचार्य और शिक्षकों का कहना है कि अभी विभाग की ओर से कोई दिशा-निर्देश जारी नही हुए हैं।
अभी कुछ पता ही नहीं तो क्या करें
गणित और विज्ञान मेरे पसंदीदा विषय है। इन्ही विषयों के साथ मैंने पीसीएम स्ट्रीम का चयन किया है। नई शिक्षा नीति के तहत स्कूल में अब तक कोई जानकारी नही दी गई है। मेरे साथियों को भी अभी इस बारे में कोई ज्यादा जानकारी नही। - अनुभव, छात्र
इसी साल 10 वीं पास की है। मेरी दिलचस्पी जीव विज्ञान में है, इसके साथ 11 वीं में रसायन और भौतिक विज्ञान लिया है। नई शिक्षा नीति के बारे में बस इतना पता है कि पसंदीदा विषय चुन सकते हैं। इस बारे में स्कूल में भी कुछ नहीं बताया गया है। - शान्वी, छात्रा
परिवार वालों ने पीसीएम ग्रुप का चयन करने की सलाह दी है। मेरी दिलचस्पी और विषयों में भी है। अगर प्रवेश लेने से पहले इन नीतियों के बारे में जानकारी मिली तो उसी हिसाब से विचार करेंगे। हालांकि अभी तो इन्हीं विषयों का चयन किया है। - देवराज, छात्र
नई शिक्षा नीति का पुरजोर प्रचार किया जा रहा है ताकि छात्र और अभिभावक इसे समझ सकें। स्कूल खुलने पर जागरूकता कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में पत्र जारी कर दिया गया है - सोमारू प्रधान, डीआईओएस।
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