बाराबंकी : गरीब बच्चे की शरारत बन गई मौत का कारण
कार मालिक की धमकी से तंग आकर बच्चे ने की आत्महत्या
हैदरगढ़/ बाराबंकी, अमृत विचार। गरीब बच्चे की शरारत ही उसकी मौत का कारण बन गई। उसके द्वारा फेंके गए पत्थर से कार का शीशा टूटा, तो कार मालिक ने घर तक दौड़ा लिया। घर पहुंचा तो पिता ने भी डांटा। कार मालिक नुकसान की भरपाई पर अड़ा रहा। भरपाई न होने पर जेल भिजवाने की की धमकी दी। धमकी से परेशान होकर 12 साल के इस बच्चे ने घर में रखी सल्फास की गोली खाकर आत्महत्या कर ली।
हैदरगढ़ कोतवाली के तारागंज निवासी सुखमी लाल लोध के 12 वर्षीय बेटा भूपेंद्र को सल्फास की गोली खाने के बाद लखनऊ के लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां सोमवार की सुबह उसकी मौत हो गई। हैदरगढ़ कोतवाली पुलिस पोस्टमार्टम कराने के लिए लखनऊ गई हुई है।
भूपेंद्र ने एक कार का शीशा तोड़ दिया था जिससे कार स्वामी ने उसे घर तक दौड़ाया था। घर में भी तमाम तरह की धमकियां दी थी भूपेंद्र के दिव्यांग व अति गरीब पिता ने नुकसान की भरपाई नहीं कर पाई थी। इसको लेकर कार मालिक हमलावर हो गए थे और जेल भेजवा देने की धमकियां दी थी। जिससे परेशान होकर भूपेंद्र ने रविवार शाम 4:30 बजे घर में रखी सल्फास की दवा खा लिया था उसे सीएचसी हैदरगढ़ से लोहिया अस्पताल भर्ती कराया गया था जहां दूसरे दिन मौत हो गई।
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