हल्द्वानी: सांप कैसे पकड़ना है... काटने पर क्या करना है, शांत करी जिज्ञासा

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हल्द्वानी , अमृत विचार। सांप हो या मगरमच्छ, उसे कैसे पकड़ना है और अगर सांप काट ले तो क्या करना है, जैसे तमाम सवालों के जवाब वन कर्मियों को मिले। रविवार को उत्तराखंड वानिकी प्रशिक्षण अकादमी (एफटीआई) में वन विभाग के पश्चिमी वृत के पांच डिविजन में तैनात वन्य कर्मियों को एक दिवसीय सांप-मगरमच्छ रेस्क्यू प्रशिक्षण दिया गया। रविवार को  मास्टर ट्रेनर प्रशांत कुमार ने सांपों की प्रजातियों और उन्हें पकड़ने की तकनीक बताई।  
   

पशु चिकित्साधिकारी डॉ आयुष उनियाल ने सांप की प्रजातियों व कौन जहरीले हैं, कौन नहीं, किस के काटने पर शरीर में कैसा निशान होता है और क्या बदलाव होते हैं के बारे में विस्तार से बताया। सुशीला तिवारी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. परमजीत सिंह व सांप के काटने के बाद क्या करें और क्या ना करें इस बारे में विस्तार से जानकारी दी। मौके पर उपस्थित तराई पूर्वी वन विभाग के डीएफओ संदीप कुमार ने बताया कि विभाग के कर्मियों द्वारा पिछले साल पश्चिमी वृत्त में 2000 से ज्यादा सांप और 50 से ज्यादा मगरमच्छ रेस्क्यू किए गए हैं।

पश्चिमी वृत्त के वन संरक्षक दीप चन्द्र आर्य ने कहा कि वन कर्मियों को आधुनिक उपकरणों की जानकारी के साथ उन्हें और हाईटेक बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि प्रोफेशनल तरीके से वन्य जीवों को रेस्क्यू किया जा सके। डीएफओ तराई केन्द्रीय हिमांशु बागरी ने भी बरसात के मौसम में सांप की जानकारी व उनके व्यवहार के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान रेंजर सीएस अधिकारी, घनानंद चनियाल, नवीन पवार, डिप्टी रेंजर नवल कपिल आदि मौजूद रहे।

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