Uttrakhand: अल्मोड़ा में सेब-आम से भी महंगा बिक रहा काफल, 400 रुपये किलो तक पहुंचे दाम
कमलेश कनवाल, अल्मोड़ा। गर्मी के मौसम में पहाड़ों का लोकप्रिय फल काफल इन दिनों अल्मोड़ा बाजार की रौनक बना हुआ है। करीब एक सप्ताह पहले बाजार में पहुंचे काफल के दाम इस समय सेब और आम से दोगुने से भी अधिक हैं। बावजूद इसके लोग इसका स्वाद लेने से खुद को रोक नहीं पा रहे हैं।
देवभूमि घूमने आने वाले देश-विदेश के पर्यटक भी रसीले और ताजे काफल का स्वाद चखे बिना वापस नहीं लौट रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों के ठंडे इलाकों में होने वाला यह स्वादिष्ट फल स्थानीय लोगों के साथ-साथ सैलानियों की भी पहली पसंद बना हुआ है। आमतौर पर काफल अप्रैल मध्य तक बाजार में पहुंच जाता था, लेकिन इस बार यह मई के पहले सप्ताह में बाजार में आया। इन दिनों अल्मोड़ा बाजार में लमगड़ा, जैंती, स्याही देवी समेत कई क्षेत्रों से ग्रामीण काफल बिक्री के लिए ला रहे हैं। वर्तमान में बाजार में काफल 400 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। दाम अधिक होने के बावजूद इसकी मांग लगातार बनी हुई है।
सेहत के लिए भी फायदेमंद है काफल
काफल केवल स्वाद ही नहीं, बल्कि औषधीय गुणों के कारण भी बेहद खास माना जाता है। पहाड़ों में लोग इसे सेहत के लिए लाभकारी मानते हैं। यह पेट संबंधी समस्याओं में लाभदायक माना जाता है। साथ ही डायबिटीज और उच्च रक्तचाप के मरीजों के लिए भी उपयोगी बताया जाता है। काफल में कैल्शियम, जिंक, फास्फोरस, विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
देश-विदेश में है खास पहचान
काफल का वैज्ञानिक नाम ‘मिरिका एस्कुलेंटा’ है। यह फल हिमालय के निचले और ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाता है। गर्मियों में मिलने वाला यह फल देश-विदेश में काफी प्रसिद्ध है। इसके पेड़ की छाल का उपयोग चर्मशोधन में भी किया जाता है।
